पटना मेट्रो की रफ्तार तेज: खेमनीचक से मलाही पकड़ी कॉरिडोर का हुआ बड़ा निरीक्षण, जल्द शुरू हो सकता है परिचालन
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने इस पूरे कॉरिडोर में सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी सिस्टम और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की बारीकी से जांच की। माना जा रहा है कि इस चरण के बाद मेट्रो परिचालन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ गया है।
सुरक्षा और सिस्टम की हुई बारीकी से जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मेट्रो स्टेशन और कॉरिडोर से जुड़े कई अहम तकनीकी हिस्सों का जायजा लिया। इसमें यूपीएस कक्ष, लिफ्ट और एस्केलेटर, एएसएस कक्ष, एससीआर कक्ष और प्लेटफॉर्म क्षेत्र का गहन परीक्षण किया गया। साथ ही कॉरिडोर के साथ लगे ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन) की ऊंचाई माप और अन्य तकनीकी मानकों की भी समीक्षा की गई।
इसके अलावा ईएंडएम (इलेक्ट्रिकल एंड मैकेनिकल) प्रणालियों और अन्य तकनीकी प्रतिष्ठानों की भी विस्तार से जांच की गई, ताकि मेट्रो संचालन के दौरान किसी तरह की तकनीकी बाधा न आए और यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा मिल सके।
पटना के लिए आधुनिक परिवहन का नया दौर
राजधानी में मेट्रो परियोजना को शहर के यातायात को सुगम बनाने और लोगों को तेज व सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराने के लिए विकसित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद पटना में ट्रैफिक दबाव काफी हद तक कम होगा और लोगों को आवागमन का आधुनिक विकल्प मिलेगा।
अधिकारियों के मुताबिक प्राथमिकता कॉरिडोर के लगातार हो रहे निरीक्षण और तकनीकी परीक्षणों से यह संकेत मिल रहा है कि पटना मेट्रो का परिचालन शुरू होने का सपना अब पहले से ज्यादा करीब आ गया है।







