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पटना में सफाई कर्मियों की हड़ताल से गहराया कचरे का संकट, निगम ने एजेंसियों पर लगाया भारी जुर्माना

 
पटना में सफाई कर्मियों की हड़ताल से गहराया कचरे का संकट, निगम ने एजेंसियों पर लगाया भारी जुर्माना

Patna News: पटना नगर निगम समेत बिहार के अन्य निगम क्षेत्रों में सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सातवें दिन भी जारी रहने से शहर के गली-मोहल्लों और वीआईपी इलाकों में कचरे का भारी अंबार लग गया है. चारों तरफ फैली गंदगी, बदबू और संक्रमण के खतरे से लोगों का जीना मुहाल हो गया है, जिससे शहर की स्थिति नारकीय हो गई है. हालांकि नगर निगम का दावा है कि सीमित संसाधनों के बावजूद सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है और प्रतिदिन औसतन 300 टन कचरे का उठाव किया जा रहा है.

नगर निगम के सफाई कर्मियों के काम पर नहीं लौटने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है. कर्मचारी सम्मानजनक वार्ता और मांगों को पूरा करवाने पर अड़े हैं, हालांकि निगम प्रशासन का कहना है कि अंतिम निर्णय शासन स्तर पर ही संभव है. इस बीच पटना नगर निगम ने लापरवाह एजेंसियों पर ₹21.95 करोड़ का जुर्माना लगाया है. सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के लिए नगर निगम ने अनुबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखी है. निगम का आरोप है कि एजेंसियों ने अनुबंध के अनुरूप पर्याप्त मानवबल और वाहन उपलब्ध नहीं कराए.

पटना नगर निगम के नगर आयुक्त आईएएस यशपाल मीणा ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है तथा पुलिस निगरानी में वैकल्पिक सफाई कराने के प्रयास जारी हैं. 

नगर निगम के अनुसार करीब 100 डोर-टू-डोर वाहनों के माध्यम से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कचरा संग्रहण कराया गया. नूतन राजधानी, अजीमाबाद, पटना सिटी, पाटलिपुत्र और बांकीपुर अंचलों में विशेष व्यवस्था की गई. नूतन राजधानी अंचल में 23, अजीमाबाद में 15, पटना सिटी में 20, पाटलिपुत्र में 28 तथा बांकीपुर में 13 वाहनों से कचरा उठाव किया गया. एग्जीबिशन रोड, गोरिया टोली और जमाल रोड स्थित कूड़ा प्वाइंट की जेसीबी और ट्रैक्टरों से विशेष सफाई कराई गई है.

पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी समन्वय समिति के बैनर तले हड़ताली कर्मचारियों ने नगर निगम मुख्यालय, मौर्यालोक में प्रदर्शन और सभा की. मौर्यालोक परिसर में प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दिया है. बावजूद, इसके कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया.

कर्मचारी समन्वय समिति के अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश सिंह ने कहा कि प्रशासन को हड़ताल समाप्त कराने के लिए सम्मानजनक वार्ता करनी चाहिए. समिति के प्रवक्ता जितेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि एक ओर निगम शहर को साफ रखने का दावा कर रहा है. वहीं, दूसरी ओर कई स्थानों पर कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि केवल फोटो खिंचवाने से सफाई व्यवस्था नहीं सुधरेगी. कार्यकारी अध्यक्ष रामयत्न प्रसाद ने दावा किया कि हड़ताल पूरी तरह सफल है और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.

बहरहाल, हड़ताल को अब श्रमिक संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है. बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर ऐक्टू ने आज नगर निकाय सफाई कर्मियों की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया. पटना में आयोजित बैठक में ऐक्टू के राष्ट्रीय महासचिव राजीव डिमरी, राज्याध्यक्ष श्यामलाल प्रसाद, राज्य सचिव रणविजय कुमार, एमएलसी शशि यादव सहित कई नेताओं ने सरकार से हड़ताली संगठनों के साथ सम्मानजनक वार्ता कर तीन सूत्री मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की.

हड़ताल के लंबा खिंचने से राजधानी में सफाई व्यवस्था सामान्य करने की चुनौती लगातार बढ़ती जा रही है। एक ओर नगर निगम सीमित संसाधनों से व्यवस्था संभालने का दावा कर रहा है, तो दूसरी ओर हड़ताली कर्मचारी वार्ता और मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं। ऐसे में शहरवासियों को सबसे अधिक परेशानी कचरे के बढ़ते ढेर और प्रभावित सफाई व्यवस्था के कारण उठानी पड़ रही है।