पटना नगर निगम ने मेयर सीता साहू समेत 26745 मकान मालिकों को भेजा नोटिस, अंचल कार्यालयों में शुरू हुई सुनवाई
Bihar news: पटना में रिहायशी मकानों का व्यावसायिक इस्तेमाल करने वालों पर अब नगर निगम की नजर लग गई है. राजधानी में बड़ी संख्या में आवासीय संपत्तियों में कोचिंग, हॉस्टल, होटल, रेस्टोरेंट, ऑफिस, अस्पताल, शोरूम और दूसरी व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं. पटना नगर निगम ने ऐसे मकान मालिकों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है. नगर निगम क्षेत्र में मेयर समेत कुल 26,745 मकान मालिकों को नोटिस भेजे गए हैं. संबंधित अंचलों के कार्यपालक अधिकारियों की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं और अब अंचल कार्यालयों में सुनवाई की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है.
बुधवार से पाटलिपुत्र अंचल में सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई. सुबह 10:30 बजे से निर्धारित समय पर नोटिस पाने वाले कई लोग जरूरी दस्तावेज लेकर अंचल कार्यालय पहुंचे. वहां उन्हें बताया गया कि सुनवाई पास के सामुदायिक भवन में होगी. इसके बाद लोग सामुदायिक भवन पहुंचे, जहां उन्हें एक फॉर्म दिया गया. फॉर्म भरकर जमा कराने के बाद लोगों को अगली तारीख पर सुनवाई के लिए बुलाया गया. इस प्रक्रिया को लेकर कुछ लोग नाराज भी दिखे. उनका कहना था कि उन्हें केवल उपस्थिति दर्ज कराने के लिए नहीं, बल्कि अपनी बात रखने के लिए सुनवाई का समय दिया गया था. वहीं गुरुवार को नूतन राजधानी अंचल में सुनवाई रखी गई है.
इस कार्रवाई की खास बात यह है कि इसकी जद में पटना की मेयर सीता साहू भी आ गयी हैं. अजीमाबाद अंचल प्रशासन ने मेयर और उनके परिवार को 24 घंटे में जवाब दाखिल करने का अल्टीमेटम दिया है. अजीमाबाद अंचल की ओर से बड़ी पटन देवी गली, महाराजगंज स्थित परिसर के संबंध में भू-स्वामी शिशिर कुमार, सीता देवी (मेयर) और सुशांत के नाम नोटिस जारी किया गया है. नोटिस में आवासीय क्षेत्र में गैर-आवासीय उपयोग पाये जाने पर 24 घंटे के भीतर लिखित सफाई और वैध दस्तावेज पेश करने को कहा गया है. पटना नगर निगम की मेयर सीता साहू ने कहा कि वह नोटिस का अध्ययन कर रही हैं और निर्धारित समय पर लिखित जवाब देंगी. उन्होंने कहा कि उनके आवास में कोई कॉमर्शियल गतिविधि संचालित नहीं हो रही है और उन्हें दूसरी कैटेगरी में नोटिस मिला है. मेयर ने यह भी कहा कि पटना में अभी स्पष्ट जोन निर्धारण नहीं हुआ है. इससे पहले एसकेपुरी और पाटलिपुत्र कॉलोनी मोड़ पर कुछ दुकानों को सील किया गया था. हालांकि, संबंधित पक्षों की ओर से कोर्ट से स्टे ले लिया गया था.
नगर निगम ने आवासीय मकानों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों की पहचान के लिए प्रॉपर्टी आइडी के आधार पर डिजिटल सूची तैयार की है. जांच में सामने आया कि कई मकान मालिक अपनी संपत्ति का कॉमर्शियल टैक्स भी जमा कर रहे हैं. हालांकि, किसी संपत्ति में चल रही गतिविधि वैध है या अवैध, इसका अंतिम फैसला सुनवाई के बाद ही किया जाएगा. पाटलिपुत्र कॉलोनी, कृष्णापुरी, मुसल्लहपुर, बाजार समिति, कंकड़बाग, एसकेपुरी और एजी कॉलोनी समेत कई रिहायशी इलाकों में ऐसी संपत्तियों को चिह्नित किया गया है. नगर निगम के आंकड़ों में आवासीय संपत्तियों में 30 से अधिक तरह की व्यावसायिक गतिविधियों की पहचान की गई है. इनमें क्लब, क्लिनिक, कोचिंग क्लासेज, कॉलेज, कॉमर्शियल ऑफिस, डिस्पेंसरी, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, गोदाम, सरकारी कार्यालय, गेस्ट हाउस, हेल्थ क्लब, अस्पताल, हॉस्टल, इंडस्ट्री, इंश्योरेंस ऑफिस, मैरिज हॉल, नर्सिंग होम, पार्किंग, पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, स्कूल, रिसर्च इंस्टीट्यूट, दुकान, शोरूम, स्टोरेज और वेयरहाउस शामिल हैं.
पाटलिपुत्र अंचल में 1,820 दुकानें, 420 कॉमर्शियल ऑफिस, 294 पार्किंग, 69 मैरिज हॉल, एक क्लब, 79 अस्पताल, 349 हॉस्टल और 31 एजुकेशनल इंस्टीट्यूट चिह्नित किए गए हैं. नूतन राजधानी अंचल में 1,219 दुकानें, 120 ऑफिस, 20 पार्किंग, 32 मैरिज हॉल, तीन क्लब, 30 अस्पताल, 46 हॉस्टल और 29 एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की पहचान हुई है. इसी तरह कंकड़बाग अंचल में 887 दुकानें, 40 ऑफिस, 27 पार्किंग, नौ मैरिज हॉल, 41 अस्पताल, 11 हॉस्टल और 11 एजुकेशनल इंस्टीट्यूट चिह्नित हैं. बांकीपुर में 793 दुकानें, 39 ऑफिस, 14 पार्किंग, चार मैरिज हॉल, 10 अस्पताल, 556 हॉस्टल और 12 एजुकेशनल इंस्टीट्यूट हैं.
अजीमाबाद अंचल में 1,019 दुकानें, 63 ऑफिस, 25 पार्किंग, 27 मैरिज हॉल, 37 अस्पताल, पांच हॉस्टल और 20 एजुकेशनल इंस्टीट्यूट चिह्नित किए गए हैं. पटना सिटी में 670 दुकानें, 14 ऑफिस, छह पार्किंग, आठ मैरिज हॉल, छह अस्पताल और दो एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की पहचान हुई है. आंकड़ों के अनुसार पटना के आवासीय इलाकों में 194 गेस्ट हाउस, 154 सूक्ष्म एवं लघु उद्योग और 106 होटल भी संचालित हो रहे हैं. इनमें एमएसएमई और जीविका के सहयोग से शुरू किए गए छोटे उपक्रम भी शामिल हैं. इसके अलावा आवासीय परिसरों में 15 कॉलेज, 39 हेल्थ क्लब, 70 नर्सिंग होम और 37 रेस्टोरेंट संचालित होने की जानकारी सामने आई है.
पाटलिपुत्र अंचल में 19 और 27 अगस्त तथा 3 सितंबर को सुनवाई होगी. नूतन राजधानी अंचल में 20 और 28 अगस्त तथा 5 सितंबर को सुनवाई तय है. कंकड़बाग अंचल में 21 और 29 अगस्त तथा 7 सितंबर, बांकीपुर में 22 और 31 अगस्त तथा 8 सितंबर को सुनवाई होगी. अजीमाबाद अंचल में 24 अगस्त, 1 और 9 सितंबर तथा पटना सिटी अंचल में 25 अगस्त, 2 और 10 सितंबर को सुनवाई होगी. पटना के रेजिडेंशियल जोन-1, रेजिडेंशियल जोन-2 और अर्बन सेंटर जोन में मुख्य रूप से आवासीय गतिविधियों की अनुमति है. इन क्षेत्रों में आवासीय भवनों के अलावा हॉस्टल, बोर्डिंग-लॉजिंग हाउस, नाइट शेल्टर और इंटीग्रेटेड टाउनशिप जैसी गतिविधियां की जा सकती हैं. बेकरी-कन्फेक्शनरी और बैंक जैसी गतिविधियों की भी अनुमति है. कुछ गतिविधियों के लिए विशेष अनुमति जरूरी है. 4,000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले प्लॉट और कम से कम 12.2 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़े प्लॉट पर कॉलेज को भी विशेष अनुमति के बाद मंजूरी दी जा सकती है. वहीं बर्ड सैंक्चुअरी और बॉटनिकल गार्डन जैसी गतिविधियां इस जोन में प्रतिबंधित हैं.







