पटना को मिलेगी बड़ी सौगात: गंगा किनारे बनेगा अत्याधुनिक जहाज मरम्मत केंद्र, 243 करोड़ की लागत
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि यह केंद्र बनने के बाद बिहार जल परिवहन के क्षेत्र में एक अहम हब बन जाएगा। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे 24 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पटना में 20 हजार वर्ग मीटर जमीन चिन्हित
बिहार सरकार ने गंगा नदी के दक्षिणी तट पर करीब 20 हजार वर्ग मीटर जमीन इस परियोजना के लिए उपलब्ध करा दी है। यहां जहाजों की मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और भारी उपकरणों की मरम्मत की सुविधा होगी।
कोलकाता पर निर्भरता होगी खत्म
फिलहाल राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर जहाज मरम्मत की सुविधा सिर्फ कोलकाता में है, जिससे जहाजों को वहां भेजना पड़ता है। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। पटना में मरम्मत केंद्र बनने के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी और बिहार को सीधा लाभ मिलेगा।
वाटर मेट्रो से सस्ता सफर
परिवहन मंत्री ने बताया कि कोच्चि वाटर मेट्रो की तर्ज पर पटना में 1200 करोड़ रुपये की लागत से वाटर मेट्रो चलाने की योजना है। इसके लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। इस परियोजना में जेटी निर्माण, टर्मिनल विकास और जहाजों की खरीद शामिल है।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 22 हाइब्रिड जहाज लाए जाएंगे, जो महज 1 मीटर गहरे पानी में भी चल सकेंगे। इससे यात्रियों को सस्ता और आसान सफर मिलेगा।
इन घाटों के बीच चलेगी वाटर मेट्रो
फिलहाल एक इलेक्ट्रिक हाइब्रिड वाटर मेट्रो का ट्रायल चल रहा है और जल्द ही दूसरी मेट्रो भी पटना पहुंचेगी। इनका संचालन
कंगन घाट, गायघाट, गांधी घाट, दीघा घाट, फरक्का महतो घाट, नारियल घाट, पानापुर, कोंहरा घाट, काली घाट (सोनपुर) और छेछर घाट के बीच होगा।
जहाज मरम्मत केंद्र में क्या-क्या होगा
इस केंद्र में जहाजों के संचालन और मरम्मत के लिए आधुनिक सुविधाएं होंगी, जिनमें शामिल हैं:
• स्लिपवे और साइड स्लिपवे
• 800 टन क्षमता का मरीन बोट होइस्ट
• जहाज लिफ्ट और ट्रांसफर सिस्टम
• गैन्ट्री, जिब और मोबाइल क्रेन
• बिजली सबस्टेशन और जल आपूर्ति प्रणाली
कानून के तहत अनिवार्य जांच होगी आसान
अंतर्देशीय पोत अधिनियम 2021 के तहत हर जहाज का पंजीकरण, वार्षिक जांच और हर चार साल में ड्राई डॉक जांच जरूरी है। पटना में मरम्मत केंद्र बनने से यह सारी प्रक्रिया अब यहीं संभव होगी और कोलकाता जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सरकार का मानना है कि यह परियोजना राष्ट्रीय जलमार्ग-1 को मजबूत करने, व्यापार, पर्यटन और रोजगार बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।







