पटना में बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत, 328 करोड़ की परियोजना से अंडरग्राउंड केबलिंग और ट्रांसफॉर्मर क्षमता बढ़ी
बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी संभालने वाली संस्था पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई अंडरटेकिंग के अधिकारियों के अनुसार राजधानी के कई मोहल्लों में 11 केवी की अंडरग्राउंड केबल करीब 124 किलोमीटर तक बिछाई जा रही है। वहीं डाकबंगला चौराहा इलाके में लगभग 102 किलोमीटर लंबी केबल लाइन का काम किया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
गर्मियों को देखते हुए ट्रांसफॉर्मर क्षमता बढ़ाई
अधिकारियों ने बताया कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ जाती है, इसलिए पहले से तैयारी करते हुए 200 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मरों को बढ़ाकर 315 केवीए कर दिया गया है। इससे बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और सुचारु रहने की उम्मीद है।
इसके अलावा बिजली नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए अब तक 337 नए बिजली के खंभे भी लगाए जा चुके हैं। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 33 केवी के 22 आरएमयू और 11 केवी के 221 आरएमयू भी लगाए गए हैं।
नए पावर सब स्टेशन भी बन रहे
बढ़ती आबादी और बिजली की बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखते हुए शहर के कई इलाकों में नए पावर सब स्टेशन भी बनाए जा रहे हैं। दानापुर ब्लॉक ऑफिस, नोहसा, ट्रांसपोर्ट नगर और बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में 20 एमवीए क्षमता वाले सब स्टेशन का निर्माण लगभग पूरा होने की कगार पर है।
अधिकारियों का कहना है कि इन योजनाओं के पूरा होने के बाद राजधानी पटना में बिजली आपूर्ति पहले से कहीं अधिक मजबूत और भरोसेमंद हो जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी के मौसम में भी बेहतर बिजली सुविधा मिल सकेगी।







