Patna Traffic: मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर का फेज-1 शुरू, जाम से मिलेगी राहत; गयाजी और बाईपास तक आसान होगा सफर
Patna News: राजधानी पटना में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर के फेज-1 का संचालन शुरू हो गया है। इस नए फ्लाईओवर से मीठापुर, करबिगहिया, पुराने बस स्टैंड और एनएच-30 यानी बाईपास की ओर आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले छात्रों, कर्मचारियों, कारोबारियों और आम यात्रियों का सफर पहले के मुकाबले आसान हो सकता है।
249 करोड़ की लागत से तैयार हुआ फ्लाईओवर
मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर के पहले चरण को करीब 249 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह चार लेन का फ्लाईओवर है, जिसकी लंबाई लगभग 1150 मीटर है। इसमें 7.50 मीटर चौड़ा कैरिजवे बनाया गया है।
परियोजना का निर्माण पथ निर्माण विभाग की निगरानी में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड ने कराया है। फ्लाईओवर के साथ पहुंच पथ भी तैयार किया गया है, जिससे आसपास के प्रमुख मार्गों से कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
बाईपास से शहर में आने वालों को मिलेगी राहत
फ्लाईओवर शुरू होने के बाद बाईपास की तरफ से पटना शहर में आने वाले वाहनों को पुराने ट्रैफिक दबाव से काफी हद तक राहत मिल सकती है। मीठापुर से करबिगहिया और पुराने बस स्टैंड की ओर जाने वाले यातायात को वैकल्पिक और तेज रास्ता मिलने से प्रमुख सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
इसका लाभ खासतौर पर जीपीओ गोलंबर, करबिगहिया स्टेशन के दक्षिणी द्वार और कंकड़बाग की ओर जाने वाले यात्रियों को मिलने की उम्मीद है।
महुली एलिवेटेड रोड से गयाजी तक कनेक्टिविटी होगी आसान
इस परियोजना का असर सिर्फ पटना शहर तक सीमित नहीं रहने वाला है। फ्लाईओवर की आगे की कनेक्टिविटी महुली एलिवेटेड रोड के जरिए गयाजी की दिशा में सफर को सुगम बनाने में मदद करेगी।
गयाजी धार्मिक पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। पितृपक्ष के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। वहीं, बोधगया में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और बौद्ध श्रद्धालुओं की आवाजाही भी होती है। ऐसे में पटना से इस क्षेत्र की बेहतर सड़क कनेक्टिविटी यात्रियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
डोभी के औद्योगिक क्षेत्र से भी जुड़ाव
फ्लाईओवर की कनेक्टिविटी को डोभी में विकसित हो रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पटना एयरपोर्ट और शहर से गयाजी व डोभी की दिशा में जाने वाले लोगों को इस मार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
कृषि भवन, NLU और NIFT तक पहुंच होगी आसान
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के मुताबिक, फ्लाईओवर और पहुंच पथ के शुरू होने से मीठापुर गोलंबर से पुराने बस स्टैंड इलाके में स्थित कृषि भवन, चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और निफ्ट जैसे प्रमुख संस्थानों तक पहुंच आसान होगी।
इन संस्थानों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी आते-जाते हैं। ऐसे में बेहतर कनेक्टिविटी से उनके यात्रा समय में कमी आने की उम्मीद है।
अब ट्रैफिक मैनेजमेंट की होगी असली परीक्षा
पटना में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर शहर को एक अतिरिक्त और बेहतर यातायात मार्ग उपलब्ध कराता है।
हालांकि, परियोजना का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि फ्लाईओवर के संचालन के साथ ट्रैफिक का प्रबंधन किस तरह किया जाता है। यदि यातायात का सही तरीके से डायवर्जन और नियंत्रण किया गया तो यह फ्लाईओवर पटना के एक बड़े हिस्से में जाम की समस्या कम करने और सफर को तेज बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।







