‘बिहार की लाइफलाइन’ बनेगा पटना-बेतिया एक्सप्रेस-वे! CM नीतीश कुमार ने किया निरीक्षण, 2027 तक पूरा करने का सख्त निर्देश
2027 तक पूरा होगा पहला चरण
निरीक्षण के दौरान पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि यह ग्रीनफील्ड परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। पहले चरण का निर्माण अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। विभाग का प्रयास है कि प्रमुख संरचनाओं का काम समय से पहले पूरा कर लिया जाए।
पटना से बेतिया अब सिर्फ 3 घंटे
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एक्सप्रेस-वे के बन जाने के बाद पटना से बेतिया की दूरी और समय दोनों में भारी कमी आएगी। जहां अभी इस यात्रा में लंबा समय लगता है, वहीं भविष्य में यह सफर महज 3 घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे न सिर्फ यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि पुराने मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा।
चार जिलों की बदलेगी तस्वीर
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को ‘बिहार की लाइफलाइन’ बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिलों को सीधा पटना से जोड़ा जाएगा। इससे व्यापार, उद्योग और कृषि क्षेत्र को नई रफ्तार मिलेगी और किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत होगी।
मौके पर मौजूद रहे कई वरिष्ठ अधिकारी
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव पंकज कुमार पाल, सचिव कुमार रवि, ओएसडी डॉ. गोपाल सिंह, सारण के एसएसपी विनीत कुमार सहित National Highways Authority of India (NHAI) के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि भूमि अधिग्रहण या अन्य बाधाओं को तुरंत दूर कर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए।
पटना-बेतिया एक्सप्रेस-वे बिहार के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ उत्तर बिहार के विकास का नया अध्याय लिखने जा रहा है।







