पटना के ओल्ड एज होम की हकीकत उजागर: आधार नहीं, इलाज नहीं, पेंशन नहीं… बुजुर्गों की हालत पर गंभीर सवाल
आधार के अभाव में बुनियादी सुविधाएं भी दूर
निरीक्षण में पाया गया कि करीब 100 बुजुर्गों में से सिर्फ 57 के पास ही आधार कार्ड है। बाकी लोग मोबाइल और सिम की कमी के कारण आधार नहीं बनवा पा रहे हैं। इसका सीधा असर उनकी पेंशन, आयुष्मान कार्ड और राशन (PDS) जैसी जरूरी योजनाओं पर पड़ रहा है।
योजनाएं कागज पर, लाभार्थी वंचित
• सिर्फ 25 बुजुर्गों को वृद्धा पेंशन मिल रही
• 75 लोग पेंशन से वंचित
• आयुष्मान कार्ड भी मात्र 25 के पास
• PDS का लाभ सिर्फ 44 लोगों तक सीमित
डाइट चार्ट का पालन नहीं, भोजन व्यवस्था पर सवाल
टीम ने पाया कि सोशल वेलफेयर विभाग द्वारा तय डाइट चार्ट का पालन सही तरीके से नहीं हो रहा है। भोजन की गुणवत्ता और नियमितता दोनों पर सवाल उठे हैं।
लीगल एड भी नदारद
निरीक्षण के दौरान लीगल एड क्लिनिक खाली मिला। न वकील मौजूद थे, न ही पैरालीगल वॉलंटियर (PLV)। इससे बुजुर्गों को कानूनी मदद नहीं मिल पा रही है।
मेडिकल सुविधा बदहाल
• डॉक्टर 15 दिन में सिर्फ एक बार आते हैं
• कोई स्थायी डॉक्टर नहीं
• दवाइयों की गुणवत्ता पर सवाल
• सिर्फ 3 ANM स्टाफ, वो भी बिना पर्याप्त सुपरविजन
बुजुर्गों से कराया जा रहा काम
कुछ बुजुर्गों ने बताया कि उनसे सफाई और मेंटेनेंस का काम लिया जा रहा है, जो उनकी उम्र और हालत के हिसाब से अनुचित है।
BSLSA ने दिए सख्त निर्देश
BSLSA ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि:
• 15 दिनों के अंदर आधार कैंप लगाकर सभी का आधार बनवाया जाए
• पेंशन, आयुष्मान और PDS का लाभ सुनिश्चित किया जाए
• लीगल एड क्लिनिक में नियमित वकील की तैनाती हो
• डॉक्टर हफ्ते में कम से कम 3 दिन विजिट करें
आपको बता दें कि इस निरीक्षण ने साफ कर दिया है कि ओल्ड एज होम में रहने वाले बुजुर्गों को न तो बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं, न सम्मानजनक जीवन। अब निगाहें प्रशासन पर हैं कि इन खामियों को कितनी जल्दी दूर किया जाता है।







