दही-चूड़ा के बहाने सियासी संकेत: रत्नेश सदा के आवास पर श्याम रजक का आरसीपी सिंह को खुला ऑफर
Bihar news: मकर संक्रांति के मौके पर मंत्री रत्नेश सदा के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में राजनीति भी गरमाती दिखी। इस कार्यक्रम के दौरान जदयू विधायक श्याम रजक का एक बयान सामने आया, जिसने सियासी हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया।
श्याम रजक ने जनसुराज के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह को लेकर खुलकर कहा कि अगर वे जदयू में वापस आना चाहें तो पार्टी उनका स्वागत करेगी। उन्होंने कहा, “वो अलग कब थे, ये अलग बात है। अगर आते हैं तो उनका स्वागत है।” उनके इस बयान को जदयू की ओर से सुलह और पुराने रिश्तों को फिर से जोड़ने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। आरसीपी सिंह कभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे हैं, इसलिए यह बयान राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में शामिल होने के सवाल पर भी श्याम रजक ने साफ शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इसमें राजनीति खोजने की जरूरत नहीं है। “मकर संक्रांति पर ऐसे कार्यक्रमों में जाना हमारी परंपरा है, हम सभी जगह जाएंगे,” कहकर उन्होंने यह साफ कर दिया कि इसे किसी नए राजनीतिक गठजोड़ से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
श्याम रजक के बयान से यह संदेश भी निकलता है कि जदयू अभी किसी के लिए दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं करना चाहती। दही-चूड़ा भोज के बहाने अलग-अलग दलों के नेता एक ही मंच पर नजर आ रहे हैं और बातचीत के नए रास्ते खुलते दिख रहे हैं।
रत्नेश सदा के आवास पर हुए इस आयोजन में सिर्फ पारंपरिक दही-चूड़ा ही नहीं परोसा गया, बल्कि सियासत के संकेत भी साफ तौर पर सामने आए। श्याम रजक के बयान ने यह दिखा दिया कि जदयू मेल-मिलाप और राजनीतिक संतुलन के रास्ते पर आगे बढ़ने के मूड में है।







