बिहार में सियासी तूफान: PK ने अशोक चौधरी पर लगाया 500 करोड़ की संपत्ति और सम्राट चौधरी पर हत्या का आरोप
Patna Desk: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। जनसुराज अभियान के सूत्रधार और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) ने रविवार को राज्य के दो बड़े नेताओं – मंत्री अशोक चौधरी और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी – पर गंभीर आरोप लगाए।
अशोक चौधरी पर 500 करोड़ की संपत्ति का आरोप
पीके ने कहा कि यदि मंत्री अशोक चौधरी ने सात दिनों के भीतर उनके खिलाफ दर्ज मानहानि का नोटिस वापस नहीं लिया, तो वे उनकी कथित 500 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक चौधरी ने 20 हजार करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट्स दिए हैं और हर भुगतान पर 5 प्रतिशत कमीशन वसूला जा रहा है।
पीके ने यह भी दावा किया कि हाल ही में जिस इंजीनियर ने अपने घर में करोड़ों रुपये जलाए थे, वह रकम दरअसल अशोक चौधरी के कमीशन का हिस्सा थी।
वैभव विकास ट्रस्ट की फंडिंग पर सवाल
प्रशांत किशोर ने अशोक चौधरी से जुड़े वैभव विकास ट्रस्ट की फंडिंग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंत्री की बेटी की सगाई के बाद से अचानक ट्रस्ट के खाते में लगभग ₹100 करोड़ आए और बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी गई। पीके ने ट्रस्ट से जुड़े लोगों – किशोर कुणाल, अनिता कुणाल और जिया लाल आर्य – से इस रकम के स्रोत को सार्वजनिक करने की मांग की।
सम्राट चौधरी पर हत्या का केस
पीके ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी बड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी 1995 में तारापुर हत्याकांड में छह लोगों की हत्या के आरोपी रहे हैं। पीके का कहना है कि उस समय सम्राट चौधरी ने खुद को नाबालिग दिखाने के लिए कोर्ट में गलत दस्तावेज पेश किए।
उन्होंने सवाल उठाया कि सम्राट चौधरी ने 2020 के चुनावी हलफनामे में अपनी उम्र 51 साल बताई, जबकि 1995 में कोर्ट में उन्होंने खुद को नाबालिग बताया था। पीके के अनुसार यह न्यायालय और जनता दोनों को गुमराह करने की कोशिश थी।
शिल्पी गौतम हत्याकांड से भी जोड़ा नाम
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि सम्राट चौधरी का नाम चर्चित शिल्पी गौतम हत्याकांड में भी सामने आ चुका है। इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी और उस दौरान उपमुख्यमंत्री से पूछताछ हुई थी।
सरकार पर दबाव, कोर्ट जाने की चेतावनी
पीके ने नीतीश कुमार और राज्यपाल से मांग की कि अशोक चौधरी और सम्राट चौधरी दोनों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कदम नहीं उठाए, तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएँगे और राज्यपाल से मिलकर गिरफ्तारी की भी मांग करेंगे।







