‘मेलोडी’ चॉकलेट पर सियासी बवाल: पीएम मोदी की वायरल रील को लेकर कांग्रेस का हमला, BJP ने बताया कूटनीति की मिठास
कांग्रेस का हमला, कहा- गंभीर मुद्दों से भटकाया जा रहा ध्यान
बिहार प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर प्रधानमंत्री की इस रील की आलोचना की है। कांग्रेस प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली और जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह ने कहा कि जब दुनिया आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक संकटों का सामना कर रही है, तब इस तरह की गतिविधियां देश के शीर्ष नेतृत्व की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करती हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की आर्थिक, सामाजिक और कूटनीतिक चुनौतियों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया केंद्रित राजनीति गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास है।
‘मेलोडी’ ट्रेंड पर भी कांग्रेस की आपत्ति
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सोशल मीडिया पर ‘Melodi’ ट्रेंड को लेकर कई तरह की टिप्पणियां और मीम्स सामने आ रहे हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसी स्थितियों से बचना चाहिए, जिनसे पद की गरिमा को लेकर अनावश्यक बहस खड़ी हो।
भाजपा का पलटवार— ‘कूटनीति में आत्मीयता भी जरूरी’
दूसरी ओर भाजपा और उसके समर्थक कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि वैश्विक मंचों पर नेताओं के बीच आत्मीय और सकारात्मक संवाद कूटनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के बीच मित्रवत संवाद को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।
भाजपा समर्थकों का तर्क है कि भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और विश्व नेताओं के साथ प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत संबंधों को विपक्ष जानबूझकर विवाद का रूप देने की कोशिश कर रहा है।
सोशल मीडिया से सियासत तक पहुंचा मामला
‘मेलोडी’ चॉकलेट वाला वीडियो पहले सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना, लेकिन अब यह बिहार के राजनीतिक गलियारों तक पहुंच चुका है। कांग्रेस इसे प्रधानमंत्री की छवि और पद की गरिमा से जोड़कर सवाल उठा रही है, जबकि भाजपा इसे भारत और इटली के बीच बेहतर संबंधों तथा सकारात्मक कूटनीतिक संवाद का प्रतीक बता रही है।
फिलहाल, एक वायरल रील ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और ‘मेलोडी’ अब सोशल मीडिया के साथ-साथ राजनीतिक मंचों पर भी चर्चा का केंद्र बन गया है।







