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TRE-4 अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज से सियासत गरमाई, NDA में ही घिरी सम्राट सरकार

 
TRE-4 अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज से सियासत गरमाई, NDA में ही घिरी सम्राट सरकार
Bihar News: बिहार में TRE-4 शिक्षक भर्ती को लेकर छात्रों का गुस्सा अब सियासी तूफान में बदलता दिख रहा है। राजधानी पटना में शुक्रवार को हजारों अभ्यर्थियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज ने सम्राट चौधरी सरकार को विपक्ष ही नहीं, बल्कि अपने ही सहयोगियों के निशाने पर ला दिया है। शिक्षक भर्ती की अधिसूचना जारी करने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों पर बल प्रयोग के बाद बिहार की राजनीति अचानक गरमा गई है।

केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रा) प्रमुख रामविलास पासवान ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय” बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं को अपनी जायज मांग रखने का पूरा अधिकार है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज संवेदनशीलता और संवाद की भावना के खिलाफ है।

उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि TRE-4 की अधिसूचना जल्द जारी कर युवाओं के भविष्य और धैर्य का सम्मान किया जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने अभ्यर्थियों से संयम बनाए रखने की भी अपील की और कहा कि नई सरकार को थोड़ा समय देना चाहिए।

BPSC कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे हजारों छात्र

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे बड़ी संख्या में TRE-4 अभ्यर्थी पटना कॉलेज से मार्च निकालकर बिहार लोक सेवा आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। छात्रों की मुख्य मांग थी कि सरकार जल्द TRE-4 शिक्षक भर्ती की वैकेंसी जारी करे।

जैसे ही प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर के पास पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसी दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच बहस और धक्का-मुक्की बढ़ गई, जिसके बाद स्थिति बेकाबू हो गई और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

सड़क पर बिखरे जूते-चप्पल, कई घायल

लाठीचार्ज के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर छात्रों के जूते-चप्पल और बैग बिखरे नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कई अभ्यर्थी घायल हुए हैं। कुछ छात्रों के कपड़ों पर खून के निशान भी दिखाई दिए, जबकि छात्राओं के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोप भी लगे हैं।

घटना के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिली। छात्रों का कहना है कि वे भविष्य के शिक्षक हैं, लेकिन उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। उनका आरोप है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने निकले थे, लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग कर आंदोलन को दबाने की कोशिश की।

सरकार पर बढ़ा दबाव

TRE-4 को लेकर पहले से असमंजस में चल रहे अभ्यर्थियों के बीच अब नाराजगी और ज्यादा बढ़ गई है। वहीं NDA के भीतर से उठी आवाज ने सरकार की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि यदि जल्द कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो यह मुद्दा आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक आंदोलन बन सकता है।