बिहार में ‘पावर प्ले’ तेज: सम्राट चौधरी ने पलटा विजय सिन्हा का फैसला, 47 अफसरों की वापसी से गरमाई सियासत
दरअसल, मार्च महीने में अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व अधिकारी अपनी मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश पर चले गए थे, जिससे प्रशासनिक कामकाज ठप पड़ गया था। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन मंत्री विजय सिन्हा ने सभी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया और उनका मुख्यालय भी बदल दिया गया था।
लेकिन बदले सियासी हालात में अब तस्वीर पूरी तरह बदलती दिख रही है। 30 अप्रैल को इन अधिकारियों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बिना शर्त काम पर लौटने की अपील की। इसके बाद विभाग ने नरम रुख अपनाते हुए सभी का निलंबन वापस लेने का आदेश जारी कर दिया।
इस फैसले के बाद विश्वजीत सिंह, निकिता अग्रवाल, रजनीकांत, अमित कुमार, पुनीत कौशल, राहुल कुमार और अर्चना कुमारी समेत कई अधिकारी दोबारा अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे।
प्रशासनिक स्तर पर इसे राहत और संतुलन का कदम माना जा रहा है, लेकिन सियासी हलकों में इसे अलग नजरिए से देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि यह कदम केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सत्ता के भीतर वर्चस्व दिखाने की रणनीति भी हो सकता है।
खासतौर पर ऐसे समय में जब कैबिनेट विस्तार की चर्चा जोरों पर है, इस फैसले को ‘सियासी संदेश’ के तौर पर भी देखा जा रहा है। यह भी चर्चा है कि इस कदम के जरिए सम्राट चौधरी ने अपने नेतृत्व की पकड़ मजबूत करने का संकेत दिया है।
फिलहाल, सभी अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। अब नजर इस बात पर है कि इस पूरे घटनाक्रम पर विजय सिन्हा की प्रतिक्रिया क्या होती है और आगे यह सियासी समीकरण किस दिशा में जाता है।







