बिहार में फिर लागू होगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसानों को मिलेगा फसल नुकसान पर बेहतर सुरक्षा कवच
सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि इस निर्णय से किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, कीट प्रकोप, रोगों, बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि और अन्य कारणों से होने वाले फसल नुकसान पर अधिक प्रभावी और समयबद्ध मुआवजा मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों की आय को सुरक्षित करना और खेती को जोखिममुक्त बनाना है।
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को बेहद कम प्रीमियम देना होगा। खरीफ फसलों के लिए 2 प्रतिशत, रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत और वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम निर्धारित किया गया है। शेष राशि का भुगतान केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करेंगी।
सरकार के अनुसार, योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि फसल क्षति की स्थिति में किसानों को प्रति हेक्टेयर फसल लागत के अनुरूप क्षतिपूर्ति का लाभ मिलेगा। कई मामलों में व्यक्तिगत स्तर पर हुए नुकसान का भी आकलन किया जा सकेगा। फसल नुकसान की सटीक जानकारी के लिए ड्रोन, रिमोट सेंसिंग और सैटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे दावा निपटान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी।
गौरतलब है कि बिहार सरकार ने वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से अलग होकर बिहार राज्य फसल सहायता योजना लागू की थी। उस समय बीमा कंपनियों द्वारा दावा भुगतान और प्रीमियम को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। हालांकि केंद्र सरकार द्वारा पिछले कुछ वर्षों में योजना में किए गए सुधारों के बाद राज्य सरकार ने इसे फिर से लागू करने का निर्णय लिया है।
सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की वापसी से किसानों को व्यापक सुरक्षा मिलेगी, कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और खेती को अधिक लाभकारी एवं भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी। यह फैसला बिहार के लाखों किसानों के लिए राहत और सुरक्षा का बड़ा कदम माना जा रहा है।







