पटना में पॉलीथिन पर सख्त कार्रवाई की तैयारी, डीएम ने जारी की बड़ी चेतावनी
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पहले ही पॉलीथिन पर प्रतिबंध लागू किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद कई जगहों पर इसका उपयोग जारी है। ऐसे में अब प्रशासन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के लिए अभियान चलाएगा। तय मानकों से अधिक मोटाई वाले पॉलीथिन के इस्तेमाल पर भी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पॉलीथिन एक ऐसा पदार्थ है जो वर्षों तक नष्ट नहीं होता और प्रकृति में घुल-मिल नहीं पाता। इसके कारण मिट्टी, जल और पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुंचता है। इतना ही नहीं, सड़कों पर घूमने वाले पशु अक्सर पॉलीथिन खा लेते हैं, जिससे उनकी जान तक चली जाती है।
डीएम ने यह भी बताया कि शहरों में जलजमाव की बड़ी वजहों में पॉलीथिन भी शामिल है। नालियों और ड्रेनेज सिस्टम में जमा होकर यह पानी की निकासी रोक देता है, जिसके कारण बारिश के दौरान बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग पॉलीथिन का उपयोग छोड़कर कपड़े के थैले, पेपर बैग और अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाएं। यदि समाज का हर वर्ग इस अभियान में सहयोग करेगा, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव होगा।
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण देने के लिए अभी से जागरूकता और जिम्मेदारी दोनों जरूरी हैं।
प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में पॉलीथिन के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में यह केवल एक सरकारी निर्देश नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक गंभीर चेतावनी और जन-जागरूकता का संदेश भी माना जा रहा है।







