पटना समाहरणालय में जनता दरबार: डीएम ने 70 फरियादियों की सुनी पीड़ा, कई मामलों का मौके पर ही समाधान
Bihar news: पटना समाहरणालय में गुरुवार को जिला जनता दरबार का आयोजन किया गया, जहाँ जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने आम लोगों की समस्याएं सीधे सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान कुल 70 परिवादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, जिनमें से कई मामलों का ‘ऑन द स्पॉट’ निष्पादन कर दिया गया।

जनता दरबार में भूमि विवाद, अतिक्रमण, सरकारी जमीन से जुड़ी शिकायतें और पैतृक संपत्ति से संबंधित मामले प्रमुख रूप से सामने आए। डीएम ने हर आवेदन को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मामलों की निष्पक्ष जांच कर विधि-सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नई सड़क, खाजेकला निवासी पप्पू चौधरी ने सरकारी जमीन और नल को भरकर भू-माफिया द्वारा बेचने की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सिटी को त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। वहीं बिहटा प्रखंड के गोखुलपुर कोर्हर निवासी संतोष कुमार ने सर्वे प्लॉट के एराजी में छेड़छाड़ का मामला उठाया, जिस पर भूमि सुधार उप समाहर्ता, दानापुर को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
फतुहा प्रखंड के नसीरपुर बलवा निवासी सरविंद सिंह द्वारा पैतृक भूमि की बिक्री पर रोक लगाने की मांग रखी गई, जबकि बिहटा के पांडेपुर निवासी राम प्रवेश शर्मा ने भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण की शिकायत दर्ज कराई। इन मामलों में संबंधित अंचल अधिकारियों को तेजी से जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
जनता दरबार के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई करते हुए एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। डीएम ने पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और संवेदनशीलता के साथ जनता की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
जिला प्रशासन का मानना है कि जनता दरबार के माध्यम से आम लोगों को त्वरित न्याय और समाधान मिल रहा है, जिससे प्रशासन और जनता के बीच विश्वास और मजबूत हो रहा है।







