पूर्णिया एयरपोर्ट बना सीमांचल की नई उड़ान, 4 महीनों में 1 लाख से ज्यादा यात्रियों ने भरी उड़ान
पहले इस क्षेत्र के लोगों को हवाई यात्रा के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब पूर्णिया से सीधे बड़े शहरों के लिए उड़ान मिलने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। इससे सीमांचल और कोसी क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आया है।
दिल्ली–कोलकाता समेत बड़े शहरों के लिए उड़ान, ज्यादातर फ्लाइट फुल
फिलहाल पूर्णिया एयरपोर्ट से दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद और हैदराबाद के लिए इंडिगो और स्टार एयर की नियमित उड़ानें चल रही हैं। रोजाना संचालित हो रही इन उड़ानों में सीटें जल्दी भर जा रही हैं। यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे एयरपोर्ट पर दबाव भी बढ़ा है।
इसका फायदा सिर्फ पूर्णिया जिले को ही नहीं, बल्कि नेपाल सीमा से सटे इलाकों और पश्चिम बंगाल के आसपास के जिलों के लोगों को भी मिल रहा है, जो अब यहां से हवाई सफर कर रहे हैं।
एयरपोर्ट का होगा विस्तार, नई टर्मिनल बिल्डिंग बनेगी
बढ़ती भीड़ को देखते हुए एयरपोर्ट के विस्तार की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए करीब 15 एकड़ अतिरिक्त जमीन दी जा चुकी है। यहां एक नई और आधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग बनाने की योजना है। आने वाले समय में टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
नई व्यवस्था के तहत बेहतर सुविधाएं और लगभग 500 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। अधिकारियों का लक्ष्य एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के अनुरूप तैयार करना है।
मुंबई–बेंगलुरु और विदेश उड़ानों की भी योजना
आने वाले समय में मनिहारी–साहिबगंज पुल के चालू होने के बाद यात्रियों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार भविष्य में यहां से मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों के लिए भी उड़ान शुरू करने की योजना है। साथ ही आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संभावना भी देखी जा रही है।
कभी पिछड़ा माने जाने वाला सीमांचल इलाका अब पूर्णिया एयरपोर्ट के जरिए तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ता दिख रहा है।







