किसानों और ग्रामीण कारोबारियों को आसानी से मिले ऋण, सहकारी बैंकों को राम कृपाल यादव ने दिए निर्देश
Bihar Political News: बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड की 77वीं वार्षिक आम बैठक सोमवार को आयोजित हुई। बैठक में सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहकारी बैंकों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों को जरूरत के मुताबिक समय पर ऋण उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
कृषि से ग्रामीण उद्योग तक ऋण सुविधा पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए राम कृपाल यादव ने कहा कि सहकारी बैंकों को कृषि, डेयरी, खाद्य भंडारण और ग्रामीण उद्योगों के लिए प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इससे किसानों, पशुपालकों, ग्रामीण उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को अपनी आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में सहकारी बैंक अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।
डिजिटल बैंकिंग के साथ साइबर सुरक्षा भी जरूरी
सहकारिता मंत्री ने सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल का जिक्र करते हुए डिजिटलीकरण और साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से बैंकिंग सेवाओं को आसान और पारदर्शी बनाने के साथ उन्हें सुरक्षित भी करना होगा। ग्राहक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
PACS और DCCB के जरिए गांवों तक पहुंचे बैंकिंग सेवाएं
बिहार राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष रमेश चन्द्र चौबे ने बैंक की वित्तीय स्थिति और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बैंक वित्तीय समावेशन और ग्रामीण विकास को ध्यान में रखते हुए अपनी व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
PACS और DCCB के सहयोग से दूरदराज के ग्रामीण इलाकों तक समय पर और किफायती ऋण पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके जरिए किसानों के साथ महिला उद्यमियों, दुग्ध उत्पादकों और सूक्ष्म उद्यमियों को वित्तीय सेवाओं से जोड़ने की पहल की जा रही है।
NPA और वित्तीय अनुशासन पर भी फोकस
बैठक में बैंक की परिसंपत्तियों की गुणवत्ता, ऋण वितरण व्यवस्था और परिचालन दक्षता में सुधार की दिशा में उठाए गए कदमों पर भी चर्चा हुई। बैंक की ओर से NPA नियंत्रण, वित्तीय अनुशासन और नियामकीय प्रावधानों के अनुपालन को प्राथमिकता देने की बात कही गई।
प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार पासवान ने बैंक की वित्तीय प्रगति और तकनीकी आधुनिकीकरण की जानकारी दी। उन्होंने भविष्य की कार्ययोजना में डिजिटल बैंकिंग, तकनीकी नवाचार, वित्तीय समावेशन, ग्राहक सेवा और सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, अपर निबंधक (साख), सहयोग समितियां मनोज कुमार सिंह, बिहार राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष रमेश चन्द्र चौबे, प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार पासवान, बिस्कोमान के अध्यक्ष विशाल सिंह समेत विभाग और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े अन्य पदाधिकारी व प्रतिनिधि मौजूद रहे।







