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पटना में टूटा 2016 का रिकॉर्ड! गंगा खतरे के निशान से ऊपर, बिहार के 11 जिलों में बाढ़ का खतरा

Bihar Flood: गंगा ने शनिवार को पटना के गांधी घाट पर 2016 के उच्चतम बाढ़ स्तर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. शाम पांच बजे जलस्तर 50.57 मीटर पहुंच गया, जो पुराने रिकॉर्ड से 5 सेंटीमीटर अधिक है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार सुबह तक यह 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है.
 
BIHAR FLOOD

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। राजधानी पटना में गंगा नदी ने शनिवार को वर्ष 2016 के उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) का रिकॉर्ड तोड़ दिया। गांधी घाट पर शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर दर्ज किया गया, जो वर्ष 2016 के उच्चतम बाढ़ स्तर 50.52 मीटर से पांच सेंटीमीटर अधिक है। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार सुबह आठ बजे तक गंगा का जलस्तर बढ़कर 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है।

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गंगा के साथ पुनपुन नदी भी लगातार उफान पर है। पुनपुन-श्रीपालपुर में नदी का जलस्तर 53.39 मीटर पहुंच गया है। यह अपने उच्चतम बाढ़ स्तर 53.91 मीटर से महज 52 सेंटीमीटर नीचे है। पिछले 24 घंटे में पुनपुन के जलस्तर में करीब 11 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है और यह खतरे के निशान से 2.79 मीटर ऊपर बह रही है।

पटना में रात के अंधेरे में टूटा रिंग बांध, गांव में घुसा पुनपुन का पानी;  गुस्साए ग्रामीणों ने JE को बनाया बंधक - patna dam break punpun river floods  village je held

पुनपुन का रिंग बांध टूटा, गांव में घुसा पानी

पुनपुन नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच शुक्रवार रात नदी पर बना रिंग बांध टूट गया। इसके बाद फुलवारी प्रखंड के कुरा नवादा गांव में बाढ़ का पानी घुस गया। अचानक पानी आने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि बांध में रिसाव की जानकारी मिलने के बावजूद समय रहते उसकी मरम्मत नहीं कराई गई। इससे नाराज ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के जेई को बंधक बना लिया और जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की।

पांच दिनों में 1.62 मीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर

पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर की रफ्तार चिंता बढ़ाने वाली है। एक से पांच सितंबर के बीच गंगा के जलस्तर में कई प्रमुख केंद्रों पर एक मीटर से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।

मनेर में एक सितंबर को गंगा का जलस्तर 52.15 मीटर था, जो पांच सितंबर तक बढ़कर 53.77 मीटर पहुंच गया। यानी पांच दिनों में यहां 1.62 मीटर की वृद्धि हुई।

इसी तरह दीघा घाट पर जलस्तर 50.44 मीटर से बढ़कर 51.92 मीटर हो गया। यहां 1.48 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई।

हाथीदह में गंगा का जलस्तर 42.24 मीटर से बढ़कर 43.42 मीटर हो गया, यानी पांच दिनों में 1.18 मीटर की वृद्धि हुई।

वहीं गांधी घाट पर जलस्तर 49.40 मीटर से बढ़कर 50.57 मीटर पहुंच गया। यहां कुल 1.17 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ऐतिहासिक बाढ़ स्तर के बेहद करीब पहुंची गंगा

गंगा के चार प्रमुख जलमाप केंद्रों में से तीन पर जलस्तर पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर के बेहद करीब पहुंच चुका है। मनेर में गंगा का जलस्तर पुराने उच्चतम स्तर से महज दो सेंटीमीटर नीचे है, जबकि हाथीदह में यह अंतर केवल 10 सेंटीमीटर रह गया है। दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर से करीब 60 सेंटीमीटर नीचे है।

गांधी घाट पर स्थिति सबसे गंभीर है, जहां गंगा पहले ही वर्ष 2016 के उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर चुकी है।

गंगा-पुनपुन के दोहरे दबाव से बढ़ी चिंता

पटना और आसपास के इलाकों में इस समय गंगा और पुनपुन दोनों नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ना बड़ी चुनौती बन गया है। नदियों के बढ़े जलस्तर का असर अब केवल नदी किनारे के इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों, खेतों, सड़कों, तटबंधों और शहरी इलाकों तक पहुंचने लगा है।

पुनपुन नदी का पानी रिंग बांधों में रिसाव और टूटने के बाद ग्रामीण इलाकों में प्रवेश कर रहा है। दूसरी ओर गंगा का बढ़ता जलस्तर निचले इलाकों और संपर्क मार्गों पर दबाव बढ़ा रहा है।

स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि गंगा रिकॉर्ड स्तर पार कर चुकी है, जबकि पुनपुन अपने उच्चतम बाढ़ स्तर के बेहद करीब पहुंच गई है। दोनों नदियों का एक साथ उफान पर होना पटना के ग्रामीण और निचले इलाकों के लिए बाढ़ का खतरा और बढ़ा रहा है।

रविवार को और बढ़ सकता है गंगा का जलस्तर

केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार गांधी घाट पर रविवार सुबह आठ बजे तक गंगा का जलस्तर करीब 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है। ऐसे में अगले कुछ घंटों में निचले इलाकों में पानी का दबाव और बढ़ने की आशंका है।

प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए तटबंधों, रिंग बांधों और संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी करना अहम हो गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच भी नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।