सियासत से ऊपर रिश्ते: चाचा की तबीयत बिगड़ने पर भावुक हुए चिराग पासवान, बोले- ‘मतभेद हो सकते हैं, मनभेद नहीं’
मतभेद हो सकते हैं, मनभेद नहीं
मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन रिश्ते उससे कहीं ऊपर होते हैं। उन्होंने कहा, वो मेरे पिता राम विलास पासवान के भाई हैं, मेरा खून हैं… मेरे लिए हमेशा पिता समान रहेंगे। उनका यह बयान साफ तौर पर दर्शाता है कि सियासी दूरियों के बावजूद पारिवारिक रिश्तों की डोर अब भी मजबूत है।
माँ का भी मिला आशीर्वाद
चिराग ने अपनी माँ रीना पासवान का जिक्र करते हुए बताया कि जैसे ही उन्हें पारस जी की तबीयत की जानकारी मिली, वह बेहद चिंतित हो गईं। उन्होंने कहा, माँ ने उनके लिए आशीर्वाद भेजा है और कहा है कि पारस जी उनके बेटे जैसे हैं, उन्हें कुछ नहीं होगा और वो जल्द स्वस्थ होकर घर लौटेंगे।
राजनेता नहीं, बेटा बनकर आया हूं
चिराग पासवान ने साफ कहा कि वह अस्पताल एक नेता के तौर पर नहीं, बल्कि बेटे के रूप में आए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में अपने परिवार के साथ खड़ा होना उनका कर्तव्य है और उन्हें पूरा भरोसा है कि डॉक्टरों की देखरेख में पशुपति कुमार पारस जल्द ठीक हो जाएंगे।
इस घटना ने यह दिखा दिया कि राजनीति की कड़वाहट के बीच भी रिश्तों की गर्माहट कायम रहती है जहां मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं।







