Newshaat_Logo

बिहार बाढ़ पर आरजेडी का केंद्र पर तीखा हमला: तेजस्वी बोले- गुजरात के लिए खजाना और 500 करोड़, फिर बिहार की तबाही पर क्यों खामोश हैं पीएम-गृह मंत्री?

 
बिहार बाढ़ पर आरजेडी का केंद्र पर तीखा हमला: तेजस्वी बोले- गुजरात के लिए खजाना और 500 करोड़, फिर बिहार की तबाही पर क्यों खामोश हैं पीएम-गृह मंत्री?

Bihar news: बिहार में इस वक्त बाढ़ ने भारी तबाही मचा रखी है, जिसके बाद सूबे की राजनीति में भी उबाल आ गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और राज्य से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय मंत्रियों पर सीधा निशाना साधा है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए तेजस्वी ने केंद्र पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया और आंकड़े गिनाते हुए तीखे सवाल पूछे।

गुजरात और बिहार के हालातों की तुलना:

तेजस्वी यादव ने केंद्र के रवैये पर सवाल खड़े करते हुए गुजरात का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि गुजरात में भारी बारिश या जलभराव होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह खुद सक्रिय हो जाते हैं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जायजा लेते हैं और तुरंत 500 करोड़ रुपये के पैकेज के साथ सेना व एनडीआरएफ उतार दी जाती है। इसके विपरीत, बिहार में जब 45 लाख लोग प्रभावित हैं, 50 से ज्यादा जानें जा चुकी हैं और हजारों करोड़ का नुकसान हुआ है, तब प्रधानमंत्री या गृह मंत्री ने फोन पर भी सुधि नहीं ली।

सात केंद्रीय मंत्रियों को बताया ‘फुस्स फुलझड़ी’:

बिहार के सियासी कोटे से केंद्र सरकार में बैठे सात बड़े मंत्रियों और 30 सांसदों पर भी तेजस्वी का गुस्सा फूटा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कभी दिल्ली के गलियारों में बिहार के नेताओं का दबदबा हुआ करता था, लेकिन आज इतने मंत्री होने के बावजूद कोई भी राज्य के हक में केंद्र पर दबाव बनाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। संकट की घड़ी में ये सभी नेता पूरी तरह खामोश हैं।

ठनका गिरने से होने वाली मौतों का मुद्दा:

आरजेडी नेता ने प्राकृतिक आपदा के तहत आकाशीय बिजली (ठनका) गिरने से हर साल मरने वाले सैकड़ों लोगों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मांग की कि इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाना चाहिए और गुजरात की तर्ज पर पीड़ितों को मिलने वाली केंद्रीय सहायता बिहार में भी लागू होनी चाहिए। अंत में उन्होंने जनता से सवाल किया कि क्या आपदा के वक्त भी बिहार के साथ ऐसा ही भेदभाव होता रहेगा?