झारखंड में 730 करोड़ का फर्जी GST घोटाला, 135 फर्जी कंपनियों का सिंडिकेट बेनकाब...
Ranchi/Jamshedpur: झारखंड समेत दो और राज्यों में टैक्स चोरी का एक बड़ा खेल सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को 730 करोड़ रुपये के फर्जी GST घोटाले के मामले में ताबड़तोड़ छापेमारी की है। कुल 8 जगहों पर एक साथ कार्रवाई की गई, जिनमें झारखंड का जमशेदपुर भी शामिल है।
कैसे हुआ घोटाला?
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि शिव कुमार देवड़ा नाम के व्यक्ति ने अपने साथियों मोहित देवड़ा, अमित गुप्ता और अमित अग्रवाल के साथ मिलकर एक पूरा सिंडिकेट खड़ा किया था। इस गैंग ने मिलकर 135 फर्जी कंपनियां बना दीं। ये कंपनियां सिर्फ कागजों पर थीं, इनका न तो कोई दफ्तर था और न ही कोई असली कारोबार। इन कंपनियों के नाम पर 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के फर्जी इनवॉयस (बिल) जारी किए गए। इनके जरिए सरकार से गलत तरीके से टैक्स क्रेडिट लिया गया, जबकि असल में कोई माल या सेवा का लेन-देन हुआ ही नहीं।
प्रवर्तन निदेशालय की 6 सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को जमशेदपुर के मशहूर उद्योगपति ज्ञान जायसवाल के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। ईडी की टीमें उनके बिष्टुपुर स्थित आवास, कदमा के दफ्तर और आदित्यपुर में मौजूद ऑफिस में एक साथ पहुंचीं। जानकारी के मुताबिक, ज्ञान जायसवाल पहले भी 1800 करोड़ के जीएसटी घोटाले में जेल जा चुके हैं। अब इस ताजा केस में उनका नाम एक बार फिर सामने आया है।
सरकार को लगा भारी नुकसान
इन फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये का टैक्स क्रेडिट लिया गया, जिससे सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस घोटाले से और कौन-कौन जुड़े हुए हैं, और पैसा कहां-कहां पहुंचाया गया।
पहले ही हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में जांच एजेंसी ने साल की शुरुआत में ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। अब छापेमारी के जरिए उन सभी जगहों की जांच की जा रही है जहां से यह फर्जीवाड़ा ऑपरेट किया जा रहा था।
इसमें ख़ास बातें है:
- 135 फर्जी कंपनियों के जरिए 5000 करोड़ से ज्यादा के फर्जी बिल जारी
- सरकार को करीब 730 करोड़ रुपये का टैक्स नुकसान
- झारखंड, समेत 3 राज्यों में 8 जगहों पर एक साथ ईडी की छापेमारी
- उद्योगपति ज्ञान जायसवाल के ठिकानों पर भी कार्रवाई







