RSS का ‘घर-घर संपर्क’ मिशन तेज: बिहार के 1 करोड़ घरों तक पहुंच, शताब्दी वर्ष में संगठन विस्तार का बड़ा दावा
संघ के अनुसार, व्यापक गृह संपर्क अभियान के तहत स्वयंसेवकों ने 84 लाख घरों तक पहुंचकर साहित्य और पत्रकों के माध्यम से लोगों से संवाद स्थापित किया। वहीं, शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित हिंदू सम्मेलनों में अब तक 10 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी दर्ज की जा चुकी है और यह सिलसिला अभी जारी है।
संगठन के विस्तार को लेकर भी आंकड़े पेश किए गए। देशभर में संघ की शाखाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब 88 हजार से अधिक शाखाएं सक्रिय हैं। बिहार में भी पिछले एक साल में दैनिक शाखाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो संगठन की बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है।
संघ ने अपने शताब्दी वर्ष को दो प्रमुख लक्ष्यों संगठन विस्तार और समाज में समरसता के साथ जोड़ते हुए कई कार्यक्रम चलाए हैं। इनमें गृह संपर्क अभियान, सामाजिक संवाद, और विभिन्न स्तरों पर सम्मेलन शामिल हैं। देशभर में लाखों गांवों और करोड़ों घरों तक पहुंच बनाने का दावा किया गया है।
इसके साथ ही संघ ‘पंच परिवर्तन’ जैसे सामाजिक एजेंडे पर भी जोर दे रहा है, जिसमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण जागरूकता, स्वदेशी भावना, परिवार व्यवस्था का संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता शामिल हैं।
आगामी योजनाओं की बात करें तो युवाओं को जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संवाद बढ़ाने और संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने की रणनीति तैयार की जा रही है।
कुल मिलाकर, शताब्दी वर्ष के बहाने RSS ने बिहार में अपने प्रभाव और विस्तार को नई गति देने का संकेत दिया है, जिससे आने वाले समय में सामाजिक और वैचारिक स्तर पर उसकी सक्रियता और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।







