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‘सखी वार्ता’ बनी महिलाओं के सशक्तिकरण का मंच, अधिकारों से लेकर आत्मनिर्भरता तक मिली अहम जानकारी

 
‘सखी वार्ता’ बनी महिलाओं के सशक्तिकरण का मंच, अधिकारों से लेकर आत्मनिर्भरता तक मिली अहम जानकारी

Bihar news: महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सुरक्षित जीवन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ‘मिशन शक्ति’ के तहत ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड स्थित पांती में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और कानूनी विषयों पर जानकारी हासिल की।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने महिलाओं से संवाद करते हुए उन्हें सरकारी योजनाओं, महिला अधिकारों, लैंगिक समानता और आत्मनिर्भरता से जुड़े विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। महिलाओं ने भी अपने अनुभव और समस्याएं साझा कीं, जिनका मौके पर समाधान किया गया।

आर्थिक रूप से मजबूत बनने का दिया संदेश

वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ अमन कुमार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिला न केवल अपने परिवार की स्थिति मजबूत करती है, बल्कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े बेहतर फैसले भी ले सकती है। उन्होंने नियमित बचत, डिजिटल बैंकिंग, स्वयं सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने की सलाह दी।

नशामुक्त समाज और लैंगिक समानता पर जोर

लैंगिक विशेषज्ञ पंकज कुमार ने नशामुक्ति पर चर्चा करते हुए कहा कि शराब की लत परिवार और समाज दोनों के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने महिलाओं से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

वहीं विशेषज्ञ मयंक प्रियदर्शी ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का जन-आंदोलन है। उन्होंने बालिका शिक्षा और सामाजिक भेदभाव खत्म करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

महिलाओं को बताए गए कानूनी अधिकार

कार्यक्रम में रजौली की केस वर्कर पूजा कुमारी ने महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, दहेज निषेध कानून, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों सहित कई महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।

कार्यक्रम के समापन पर क्षेत्रीय समन्वयक चंद्रदीप कुमार ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति की मजबूत नींव है। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।