सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान: बिहार में बंद चीनी मिलें होंगी चालू, 25 नई शुगर मिल लगाने की तैयारी
कार्यक्रम का उद्घाटन सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिंहा, दिलीप कुमार जायसवाल और प्रत्यय अमृत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान राज्य में बंद चीनी मिलों को दोबारा चालू करने और 25 नई मिलों की स्थापना की योजना पर विस्तार से चर्चा हुई।
इंसेंटिव पॉलिसी से बढ़ेगा उद्योग
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही इंसेंटिव पॉलिसी 2026 लाने जा रही है। इसके माध्यम से उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा और निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि फिलहाल बिहार में 10 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं, जबकि आने वाले समय में बंद पड़ी मिलों को फिर से शुरू करने और नई मिलें स्थापित करने की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पहले 16 मिलें थीं, अब 10 चालू
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिंहा ने कहा कि आजादी के समय बिहार गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल था। हालांकि बाद के वर्षों में कई मिलें बंद हो गईं। उन्होंने बताया कि पहले राज्य में 16 चीनी मिलें थीं, जिनमें से अब 10 को फिर से चालू कर दिया गया है और बाकी को भी शुरू करने की कोशिश जारी है।
गन्ने से बनेगा इंधन भी
उद्योग मंत्री दिलीप कुमार जैसवाल ने कहा कि बिहार की जमीन गन्ने की खेती के लिए बेहद उपयुक्त है, खासकर उत्तर बिहार का इलाका। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना और नई एथनॉल प्रोत्साहन नीति के जरिए उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। गन्ने का उपयोग अब सिर्फ चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे इंधन (एथनॉल) बनाने की दिशा में भी काम हो रहा है।
25 नई चीनी मिल लगाने का लक्ष्य
इस अवसर पर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि सरकार ने राज्य में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना का संकल्प लिया है। उनका कहना था कि उद्योगों को बढ़ावा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए नई नीतियां तैयार की जा रही हैं।
सरकार को उम्मीद है कि इन पहलों से न सिर्फ गन्ना किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि राज्य के युवाओं को भी अपने ही प्रदेश में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।







