सम्राट चौधरी ने किया टो लाम का भव्य स्वागत, गया से शुरू हुई भारत-वियतनाम की नई कहानी
राष्ट्रपति बनने के बाद टो लाम की यह पहली भारत यात्रा है, और इसकी शुरुआत बिहार से होना अपने आप में खास मायने रखता है। उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा, जो इस दौरे की कूटनीतिक अहमियत को दर्शाता है।
महाबोधि मंदिर में आध्यात्मिक पड़ाव
गया पहुंचने के बाद राष्ट्रपति टो लाम कड़ी सुरक्षा के बीच महाबोधि मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। मंदिर प्रशासन की ओर से पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया गया। बोधि वृक्ष के नीचे उन्होंने कुछ समय ध्यान भी किया, जिससे यह दौरा सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी खास बन गया।
सीएम का संदेश—रिश्तों को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मौके पर सोशल मीडिया के जरिए कहा कि गया जैसी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नगरी में राष्ट्रपति का आगमन भारत-वियतनाम संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
दिल्ली और मुंबई में अहम बैठकें
बिहार दौरे के बाद राष्ट्रपति टो लाम दिल्ली जाएंगे, जहां वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है। इसके बाद उनका मुंबई दौरा भी प्रस्तावित है।
क्यों खास है यह दौरा?
यह यात्रा सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि भारत और वियतनाम के बीच मजबूत होते रिश्तों का संकेत है। कूटनीति, संस्कृति और आध्यात्मिक जुड़ाव के इस संगम ने बिहार को एक बार फिर वैश्विक मंच पर केंद्र में ला दिया है।







