छात्रहित में अतिथि शिक्षकों की सेवा सुरक्षित हो: उपसभापति ने मुख्यमंत्री से की मांग
Patna: राज्य के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों की सेवा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की गई।
इस मौके पर बिहार विधान परिषद के उपसभापति एवं शिक्षा समिति के अध्यक्ष प्रो. राम बच्चन राय और एक प्रतिनिधि ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि दोनों श्रेणी के अतिथि शिक्षकों (विश्वविद्यालय- महाविद्यालय और उच्च माध्यमिक विद्यालय) की सेवाओं को नियमित किया जाए।
क्या है मामला
• विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति चयन समिति की अनुशंसा पर, यूजीसी के मानकों और आरक्षण नियमावली का पालन करते हुए की गई थी।
• इन शिक्षकों के पास स्थायी शिक्षकों जैसी ही योग्यता और पात्रता है और वे पिछले 3-4 वर्षों से लगातार कार्य कर रहे हैं।
• इसी तरह, उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भी रिक्त पदों पर योग्यताओं के आधार पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। लेकिन हाल ही में इन्हें कार्यकारी आदेश से सेवा से मुक्त कर दिया गया, जिसे शिक्षक विधिसम्मत नहीं मान रहे।
क्यों उठी मांग
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि अतिथि शिक्षक छात्रहित और संस्थान के हित में लगातार काम कर रहे हैं। ऐसे में उनकी सेवाओं को स्थायी शिक्षकों की तरह सुरक्षित करना जरूरी है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि दोनों ही कोटि के अतिथि शिक्षकों की सेवा-सुनिश्चितता को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं।







