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बिहार की बाढ़ में ग्राउंड जीरो पर उतरे शिवराज चौहान, नाव-ट्रैक्टर से लिया जायजा; बोले- हर पीड़ित के साथ खड़ी है केंद्र सरकार

 
बिहार की बाढ़ में ग्राउंड जीरो पर उतरे शिवराज चौहान, नाव-ट्रैक्टर से लिया जायजा; बोले- हर पीड़ित के साथ खड़ी है केंद्र सरकार

Patna: बिहार में बाढ़ से मची तबाही और किसानों की फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को बिहार पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्र व राज्य के अधिकारियों के साथ कई बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।

शिवराज सिंह चौहान ने वैशाली के हाजीपुर, मुंगेर और भागलपुर में बाढ़ की स्थिति को करीब से देखा। उन्होंने कई इलाकों में नाव और मोटरबोट से जलमग्न गांवों का जायजा लिया, जबकि कुछ स्थानों पर ट्रैक्टर से पहुंचकर खेतों और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी। राहत शिविरों और तटबंधों का निरीक्षण करने के साथ उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से भी बातचीत की।

नाव से गांवों तक पहुंचे केंद्रीय मंत्री

हाजीपुर के तेरसिया और सरायपुर गांवों में शिवराज चौहान मोटरबोट और नाव के जरिए पहुंचे। उन्होंने जलमग्न घरों और खेतों की स्थिति देखी। इसके अलावा राघोपुर सिक्स लेन ब्रिज से बाढ़ के फैलाव और जलस्तर का जायजा लिया।

मुंगेर में उन्होंने नवागढ़ी राहत शिविर और कोजीकरैया बांध का निरीक्षण किया। इसके बाद भागलपुर में राहत शिविरों में पहुंचे और वहां रह रहे बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं।

2016 की बाढ़ से भी ज्यादा पानी होने का दावा

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों और मुख्यमंत्री से मिली जानकारी के अनुसार इस बार कई जगह पानी का स्तर 2016 की बाढ़ से करीब एक फीट ऊपर बताया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लगातार कई दिनों तक पानी में डूबे रहने से केला और मक्का की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। उनके मुताबिक करीब 50 लाख लोग बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है, जबकि मकानों और पशुधन को भी नुकसान हुआ है।

शिवराज चौहान ने कहा कि किसानों की फसल को बर्बाद होते देखना बेहद पीड़ादायक है, लेकिन किसानों को निराश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

प्रभावित परिवारों को 7 हजार रुपये की सहायता

केंद्रीय मंत्री ने बिहार सरकार की ओर से किए जा रहे राहत कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता के तौर पर 7,000 रुपये DBT के जरिए बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में नाव के जरिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल टीमों को भेजा जा रहा है। राहत शिविरों में चिकित्सा सुविधा और दवाओं की उपलब्धता के साथ प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आश्रय, पेयजल, सूखा राशन और भोजन की व्यवस्था की जा रही है।

नुकसान का आकलन करेगी केंद्रीय टीम

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों और SDRF के जरिए तत्काल राहत पहुंचा रही है। वहीं, बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र की ओर से अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (IMCT) भेजा जाएगा।

यह टीम कृषि फसलों के साथ-साथ सड़कों, पुल-पुलियों, मकानों और पशुधन को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से NDRF के तहत प्रस्ताव भेजे जाने के बाद केंद्र सरकार आवश्यक वित्तीय और भौतिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।

‘किसी पीड़ित परिवार को बेसहारा नहीं रहने देंगे’

बाढ़ प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाते हुए शिवराज चौहान ने कहा कि संकट बड़ा जरूर है, लेकिन सरकार का सेवा और राहत का संकल्प उससे बड़ा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बिहार सरकार के साथ मिलकर बाढ़ की इस स्थिति से लोगों को बाहर निकालने के लिए काम करेगी और किसी भी प्रभावित परिवार को बेसहारा नहीं रहने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री आवास पर होगी हाईलेवल बैठक

दिनभर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद केंद्रीय मंत्री शाम 6 बजे अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। यहां राहत और बचाव कार्यों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक प्रस्तावित है।

बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसमें राहत सामग्री के वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं, फसल नुकसान के आकलन और मुआवजे की कार्ययोजना के साथ क्षतिग्रस्त सड़कों व अन्य बुनियादी ढांचे की बहाली को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।