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वाल्मीकिनगर में विकास की बौछार: सीएम नीतीश ने करोड़ों की योजनाओं का लोकार्पण, सियासी गलियारों में ‘उत्तराधिकारी’ पर भी चर्चा तेज

 
वाल्मीकिनगर में विकास की बौछार: सीएम नीतीश ने करोड़ों की योजनाओं का लोकार्पण, सियासी गलियारों में ‘उत्तराधिकारी’ पर भी चर्चा तेज
Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत-नेपाल सीमा पर बसे पर्यटन नगरी वाल्मीकिनगर में विकास की नई इबारत लिखते हुए प्रगति यात्रा के दौरान किए गए वादों को जमीन पर उतार दिया। अपने दौरे के दौरान उन्होंने पश्चिम चंपारण जिले को करोड़ों रुपये की कई अहम योजनाओं की सौगात दी, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जैसे ही वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट पर उतरा, कार्यकर्ताओं और अधिकारियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। यहां से सीएम सीधे गंडक बराज पहुंचे, जहां उन्होंने दोन नहर शाखा सेवा सड़क के पुनर्स्थापना कार्य का निरीक्षण किया। इसके बाद वे लव-कुश पार्क पहुंचे, जहां जीविका दीदी समूह की महिलाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हालचाल जाना।

पर्यटन को मिलेगा नया पंख

वाल्मीकिनगर सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
    •    गोंनौली और चिउटाहां में गिद्ध संरक्षण केंद्र का उद्घाटन
    •    डिवीजन-2 में नए पर्यटन केंद्र का शिलान्यास
    •    जंगल सफारी के लिए वाहनों को हरी झंडी

इन योजनाओं से राज्य के इको-टूरिज्म को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

भावुक हुईं ‘जीविका दीदी’, बोलीं- “नीतीश भैया जैसा सीएम चाहिए”

कार्यक्रम के दौरान जीविका समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति भावुकता जताई। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने उन्हें “बहन” का सम्मान दिया और उनके साथ काम करना एक यादगार अनुभव रहा। महिलाओं ने भविष्य में भी ऐसे ही संवेदनशील नेतृत्व की अपेक्षा जताई।

सियासत भी गरम: क्या बदलने वाला है नेतृत्व?

सीएम के इस दौरे के साथ ही बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद यह अटकलें जोर पकड़ रही हैं कि नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं। इसी बीच जेडीयू के अंदर निशांत कुमार को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखने की चर्चा भी तेज हो गई है। कुछ कार्यकर्ताओं ने तो खुले तौर पर उन्हें अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग तक कर दी है।

पूर्व विधायक रिंकू सिंह ने भी इस मांग को दोहराते हुए कहा कि अंतिम फैसला निशांत कुमार को ही लेना होगा।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या नीतीश कुमार कोई नया सियासी दांव खेलेंगे या फिर सत्ता की कमान किसी और को सौंप देंगे? आने वाले दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।

रिपोर्ट: आशिष कुमार, बेतिया