विश्व पर्यावरण दिवस पर विधानसभा अध्यक्ष का संदेश: प्रकृति बचाना आज की नहीं, आने वाली पीढ़ियों की भी जिम्मेदारी
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण, संतुलित पारिस्थितिकी और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण मानव जीवन की आधारशिला है। तेजी से बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, जनसंख्या वृद्धि और जैव विविधता पर मंडरा रहे खतरे आज पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाना समय की मांग है।
उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य लोगों को पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति जागरूक करना और प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। यह दिवस हर वर्ष 5 जून को मनाया जाता है और इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 1973 में की गई थी।
डॉ. प्रेम कुमार ने लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने, स्वच्छता बनाए रखने और जैव विविधता की रक्षा के लिए सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सभी लोग मिलकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लें, तो आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।







