कक्षा में सोते मिले शिक्षक पर गिरी गाज, विशिष्ट शिक्षक दिनेश कुमार मंडल निलंबित; विभागीय कार्रवाई शुरू
Newshaat Desk: त्रिवेणीगंज प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय खोरिया में विद्यालय अवधि के दौरान कक्षा में सोना एक विशिष्ट शिक्षक को भारी पड़ गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद विशिष्ट शिक्षक दिनेश कुमार मंडल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
खबर सामने आने के बाद विभाग ने कराया औचक निरीक्षण
मामला 28 जुलाई 2026 का है, जब विद्यालय में बच्चों के कक्षा से लौटकर घर जाने से जुड़ी खबर सामने आई थी। खबर में विद्यालय के शिक्षकों के कक्षा में सोने की बात कही गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर त्रिवेणीगंज के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने उसी दिन विद्यालय का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जांच टीम को विद्यालय अवधि में दो शिक्षक—विशिष्ट शिक्षक दिनेश कुमार मंडल और देवेन्द्र सरदार—कक्षा के अंदर कुर्सी और बेंच पर सोते मिले। जांच रिपोर्ट में इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की गई।
बच्चों की पढ़ाई के समय सोना माना गया गंभीर लापरवाही
विभागीय जांच में माना गया कि विद्यालय में पठन-पाठन के निर्धारित समय में शिक्षकों का कक्षा में सोना गंभीर लापरवाही है। इससे न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, बल्कि विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
विभाग ने इसे सरकारी सेवक के आचरण के विपरीत मानते हुए बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के संबंधित प्रावधानों के उल्लंघन का मामला माना है। इसी आधार पर दिनेश कुमार मंडल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
सरायगढ़-भपटियाही BEO कार्यालय रहेगा निलंबित शिक्षक का मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान दिनेश कुमार मंडल का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, सरायगढ़-भपटियाही निर्धारित किया गया है। नियमानुसार उनकी उपस्थिति के आधार पर उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा। विभाग की ओर से उनके खिलाफ अलग से आरोप पत्र जारी कर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे शिक्षक पर कार्रवाई को लेकर भी नजर
जांच के दौरान दो शिक्षकों के कक्षा में सोते पाए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, जारी निलंबन आदेश में फिलहाल केवल दिनेश कुमार मंडल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दूसरे शिक्षक देवेन्द्र सरदार के मामले में विभाग की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर अब सभी की नजर है।
घटना के बाद स्थानीय अभिभावकों में भी नाराजगी है। वहीं शिक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि विद्यालयों में शिक्षकों की लापरवाही और शैक्षणिक अनुशासनहीनता को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।







