Patna में थूकना पड़ेगा महंगा, 500 Fine और बीच सड़क पर होगे बेइज्जत...
Bihar: सरकार चाहे शहर को कितना भी दुरुस्त और साफ़ सुथरा बनाने की परियोजना बना लें जब तक आम जनता सहयोग नहीं करेगी तब तक किसी भी शहर में बदलाव मुमकिन नहीं है. सरकार का काम है बनाना और आम जनता का काम है बनाये हुए चीजों की खूबसूरती बरकरार रखना. लेकिन असल में ऐसा होता नहीं है. बिहार में कम्युनिकेशन के मामले में बहुत तरक्की हुई है. जहां पहले कुछ भी नहीं था. आज हर रोड एक दूसरे से कनेक्ट होता दिख रहा है. एक जगह से दूसरे जगह जाना काफी आसान हो गया है. वहीं, गंगा पथ-वे को बने हुए ज्यादा टाइम नहीं हुआ है लेकिन आज गंगा पथ-वे का जो हाल है, उसे देखकर बहुत तकलीफ होती है.
गंगा पथ-वे पर जब आप जाते हैं तो वहां डिवाइडर पर केवल और केवल आपको गुटखा खाकर थूकने वाला दृश्य देखने को मिलेगा. मतलब लोग इतने बेकार होते चले जा रहे है कि उनकी बुद्धि बिल्कुल खत्म हो चुकी है. ऐसे-ऐसे लोगों को सीधा जेल भेज देना चाहिए. लेकिन असल में ऐसा होता नहीं है. पटना को साफ-सुथरा और स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंक दिलाने के लिए नगर निगम ने पहली बार सख्त और अनोखा कदम उठाया है सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और गंदगी फैलाने वाले लोगों को अब ‘नगर शत्रु’ के रूप में चिह्नित किया जा रहा है. बीते चार दिनों में निगम की कार्रवाई में 500 लोग पकड़े गए हैं, जिनसे 500 रुपये के हिसाब से कुल ढाई लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है यह अभियान शहर के सभी अंचलों में लगातार चलाया जा रहा है.

चौक-चौराहों से लेकर भीड़भाड़ वाले इलाकों तक कार्रवाई
नगर शत्रु की यह मुहिम खास तौर पर चौक-चौराहों, मुख्य सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में चलाई जा रही है. पान, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन कर सड़क पर थूकने वालों को मौके पर ही चिन्हित किया जा रहा है. निगम की प्रवर्तन टीमें बिना किसी ढिलाई के तत्काल जुर्माना वसूली कर रही हैं और साथ ही भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा न करने की अंतिम चेतावनी भी दी जा रही है. पटना नगर निगम ने इस अभियान के तहत गंदगी फैलाने वालों को सिर्फ आर्थिक दंड तक सीमित नहीं रखा है. उन्हें ‘नगर शत्रु’ घोषित कर यह स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि सार्वजनिक सफाई के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा. नगर आयुक्त सह पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक यशपाल मीणा के अनुसार, यह कार्रवाई स्वच्छता को लेकर लोगों की मानसिकता बदलने की दिशा में अहम कदम है.
सीसीटीवी से पहचान, मौके पर कार्रवाई
शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से गंदगी फैलाने वालों की पहचान की जा रही है. इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मिले फुटेज के आधार पर संबंधित व्यक्तियों की तस्वीरें अंचलों को भेजी जा रही हैं. इसके बाद निगम की टीमें सीधे मौके पर पहुंचकर जुर्माना वसूल रही हैं. जिन लोगों को पकड़ा गया है, उन्हें साफ तौर पर बताया जा रहा है कि दोबारा ऐसा करने पर उनका नाम और तस्वीर शहर में लगी वीएमडी स्क्रीन पर सार्वजनिक कर दी जाएगी.
415 जगहों पर 3300 कैमरों की नजर
नगर निगम के अनुसार पटना शहर में करीब 3300 कैमरे 415 स्थानों पर लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी आइसीसीसी के जरिए हो रही है. निगम का मानना है कि इस सख्ती से शहर में रेड स्पॉट और येलो स्पॉट बनने से रोकने में मदद मिलेगी. साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण में पटना की रैंकिंग सुधारने की दिशा में यह अभियान निर्णायक साबित हो सकता है.







