ट्रेन में लूट के बाद सख्ती: पटना जंक्शन ‘बिट सिस्टम’ में बंटा, बॉडी वॉर्न कैमरों से GRPF की चौकसी
Bihar news: भारतीय रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर पहरा कड़ा कर दिया गया है। हाल के दिनों में बिहार से गुजरने वाली ट्रेनों में हुई करोड़ों रुपये की लूट की घटनाओं के बाद रेल पुलिस अब पूरी तरह अलर्ट मोड में है। हावड़ा–जोधपुर एक्सप्रेस में लगभग एक करोड़ रुपये के सोने की डकैती और एक अन्य ट्रेन में करीब 20 लाख रुपये की लूट ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।
GRPF की नई रणनीति, पटना जंक्शन पर सख्त पहरा
इन घटनाओं के बाद राजकीय रेल पुलिस बल (GRPF) ने अपराध पर लगाम लगाने के लिए नई रणनीति लागू की है। इसकी शुरुआत पटना जंक्शन से की गई है। GRPF थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह की पहल पर स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह नए सिरे से व्यवस्थित किया गया है। माघी मेले की शुरुआत के साथ ही अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
हर कोना अब एक ‘बिट’, तय होगी जिम्मेदारी
नई व्यवस्था के तहत पटना जंक्शन को कई छोटे-छोटे बिट में बांट दिया गया है। प्रत्येक बिट की जिम्मेदारी अलग-अलग पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को सौंपी गई है। खास बात यह है कि हर बिट में तैनात पुलिसकर्मी बॉडी वॉर्न कैमरे से लैस होंगे और अपने क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे।
किसी भी आपराधिक घटना की स्थिति में संबंधित बिट पदाधिकारी को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा और वही उस मामले का जांच अधिकारी भी होगा। इससे जवाबदेही तय होगी और जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी।
बॉडी वॉर्न कैमरों से अपराधियों पर दबाव
रेल पुलिस का मानना है कि बॉडी वॉर्न कैमरों से निगरानी होने से न सिर्फ हर गतिविधि रिकॉर्ड होगी, बल्कि अपराधियों और उचक्कों पर मनोवैज्ञानिक दबाव भी बनेगा। इससे घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी।
यात्रियों में बढ़ा भरोसा
रेल यात्रियों की सुरक्षा हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में स्टेशन और ट्रेनों में अपराध नियंत्रण के लिए अपनाया गया यह नया ‘बिट सिस्टम’ कितना प्रभावी साबित होगा, इसका आकलन आने वाले दिनों में होगा। फिलहाल, पटना जंक्शन पर बदली सुरक्षा व्यवस्था ने यात्रियों में सुरक्षा को लेकर भरोसा जरूर मजबूत किया है।







