हड़ताल पर ‘सख्ती’! 69 राजस्व अधिकारियों को नोटिस, 13 अप्रैल तक जवाब नहीं तो बर्खास्तगी तय
दरअसल, 69वीं BPSC बैच के इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति सामूहिक अवकाश लिया और समय पर अपने पद पर योगदान नहीं दिया। विभाग के मुताबिक यह न सिर्फ सरकारी आदेशों की अवहेलना है, बल्कि सेवा आचरण नियमावली का भी उल्लंघन है। सभी अधिकारियों से 13 अप्रैल तक स्पष्टीकरण मांगा गया है अगर जवाब नहीं मिला, तो एकतरफा कार्रवाई करते हुए बर्खास्तगी तक का कदम उठाया जा सकता है।
सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि इस अवकाश अवधि को सेवा में नहीं जोड़ा जाएगा। यानी न केवल कार्रवाई का खतरा है, बल्कि सेवा लाभ पर भी असर पड़ेगा।
प्रशासन सख्त, काम नहीं रुकेगा
1 अप्रैल से राज्य में नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू की जा रही है। सरकार ने निर्देश दिया है कि कोई भी अंचल खाली नहीं रहेगा। जो अधिकारी हड़ताल में शामिल नहीं हैं, उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी देकर काम जारी रखा जाएगा।
दाखिल-खारिज, जमीन मापी, अतिक्रमण हटाने और प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कार्य बिना रुकावट चलते रहें इस पर खास जोर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर अधिकारियों को अतिरिक्त वित्तीय अधिकार भी दिए जाएंगे।
डिप्टी सीएम का दो टूक संदेश
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सख्त लहजे में कहा कि जनसेवाओं में बाधा किसी भी हालत में स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि हड़ताल के नाम पर काम रोकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।
सरकार के इस कदम से साफ है कि अब प्रशासनिक अनुशासन पर कोई समझौता नहीं होगा और जनता से जुड़े काम हर हाल में चलते रहेंगे।







