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सुधा डेयरी की बड़ी पहल: पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों के लिए शुरू हुई ‘जन कल्याण योजना’, 30 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित

 
सुधा डेयरी की बड़ी पहल: पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों के लिए शुरू हुई ‘जन कल्याण योजना’, 30 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित
Patna News: दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में सुधा डेयरी ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वैशाल पाटलिपुत्र दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा पटना के दशरथ मांझी सभागार में आयोजित विशेष समारोह में ‘जन कल्याण कोष सह योजना’ का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर लाभार्थियों और उनके परिजनों के बीच कुल 30 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की गई।

कार्यक्रम का उद्घाटन डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव एवं कॉम्फेड के अध्यक्ष कपिल अशोक ने किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता का वास्तविक उद्देश्य संकट के समय किसानों और पशुपालकों को सहयोग देना है। उन्होंने इस योजना को राज्य के अन्य दुग्ध संघों में भी लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।

समारोह में कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ ने कहा कि सुधा की सफलता के पीछे ग्रामीण क्षेत्रों के मेहनतकश किसान हैं और संस्था हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने इस पहल को किसानों की सामाजिक सुरक्षा से जोड़ते हुए इसे सहकारिता आंदोलन की मजबूत मिसाल बताया।

दुग्ध संघ के अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि योजना के तहत असामयिक मृत्यु की स्थिति में दुग्ध उत्पादकों और समिति पदाधिकारियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। अप्रैल और मई माह के दौरान 18 दिवंगत दुग्ध उत्पादकों एवं समिति अध्यक्षों के परिवारों को कुल 18 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई।

इसके अलावा दुधारू पशुओं की मृत्यु या चोरी की स्थिति में भी पशुपालकों को राहत देने का प्रावधान रखा गया है। इसी कड़ी में 48 पशुपालकों को उनके दुधारू पशुओं की क्षति के एवज में कुल 12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।

संघ के प्रबंध निदेशक रुपेश Raj ने कहा कि यह योजना केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि उन किसान परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना का प्रतीक है, जो कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुग्ध संघ का उद्देश्य केवल डेयरी व्यवसाय को बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को भी मजबूत करना है।

कार्यक्रम में National Dairy Development Board के प्रतिनिधियों, दुग्ध संघ के पदाधिकारियों, विभिन्न दुग्ध समितियों के अध्यक्षों, सचिवों और बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर किसानों के कल्याण और सहकारिता को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।