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पप्पू यादव पर कथित हमले के विरोध में औरंगाबाद में उबाल, समर्थकों ने निकाला मार्च; अमित शाह का फूंका पुतला

 
पप्पू यादव पर कथित हमले के विरोध में औरंगाबाद में उबाल, समर्थकों ने निकाला मार्च; अमित शाह का फूंका पुतला

Bihar news: पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पर प्रेस वार्ता के दौरान हुए कथित हमले के विरोध में बिहार के औरंगाबाद में उनके समर्थक सड़क पर उतर आए। बड़ी संख्या में जुटे समर्थकों ने विरोध मार्च निकालकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान शहर के रमेश चौक पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला भी फूंका गया।

यह विरोध मार्च ऐतिहासिक गांधी मैदान से शुरू हुआ और शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रमेश चौक पहुंचकर समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सांसद की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।

‘जनप्रतिनिधि पर हमला लोकतंत्र के लिए गंभीर मामला’

प्रदर्शन में शामिल नेताओं और समर्थकों ने कहा कि किसी सांसद पर खुलेआम हमला होना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उनका आरोप था कि यदि जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।

सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

देव प्रखंड की दुलारे पंचायत के मुखिया विजेंद्र यादव ने कहा कि सांसद पप्पू यादव ने संसद में राम मंदिर चंदा चोरी से जुड़े मुद्दे को उठाया था और उसी के बाद उन पर कथित हमला हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

उन्होंने यह भी कहा कि भगवा किसी एक दल या संगठन की पहचान नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था का प्रतीक है। ऐसे में इसे राजनीति का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कथित हमले में शामिल सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को पूरे बिहार में और व्यापक रूप दिया जाएगा।

फिलहाल इस विरोध प्रदर्शन के बाद पप्पू यादव पर कथित हमले का मामला राजनीतिक रूप से और गर्मा गया है। विपक्षी दल लगातार सरकार से जवाब मांग रहे हैं, जबकि समर्थक घटना की निष्पक्ष जांच और सांसद की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग पर अड़े हुए हैं।