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RJD की विधान परिषद सीट पर सस्पेंस बरकरार, लालू यादव के फैसले पर टिकी सबकी नजर

 
RJD की विधान परिषद सीट पर सस्पेंस बरकरार, लालू यादव के फैसले पर टिकी सबकी नजर
Bihar News: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की विधान परिषद की एक सीट को लेकर पार्टी के भीतर मंथन तेज हो गया है। उम्मीदवार चयन को लेकर चर्चाएं अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी एक नाम पर अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में पार्टी अध्यक्ष लालू  प्रसाद यादव के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, इस सीट के लिए दो नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आए हैं। इनमें पूर्व विधान पार्षद सुनील कुमार सिंग और वरिष्ठ दलित नेता शिवचंद्र राम शामिल हैं। दोनों नेताओं को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राबड़ी देवी सुनिल कुमार सिंह के नाम के पक्ष में हैं। वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजश्वी यादव सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए शिवचंद्र राम को मौका देने के पक्षधर बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि दलित समुदाय को प्रतिनिधित्व देने से पार्टी के सामाजिक समीकरण और मजबूत हो सकते हैं।

हालांकि RJD में कई अहम जिम्मेदारियां तेजस्वी यादव संभालते हैं, लेकिन उम्मीदवार चयन जैसे महत्वपूर्ण फैसलों में अंतिम मुहर आज भी लालू प्रसाद यादव की ही मानी जाती है। फिलहाल वे स्वास्थ्य जांच के सिलसिले में सिंगापुर में हैं। उनके पटना लौटने के बाद वरिष्ठ नेताओं और परिवार के साथ बैठक में उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला होने की संभावना है।

इस चुनाव को और रोचक बनाने वाला पहलू एआईएमआईएम का संभावित रुख भी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि समर्थन के समीकरण चुनावी तस्वीर को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में यह सीट महागठबंधन के लिए भी प्रतिष्ठा का विषय बन गई है।

अब बिहार की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि RJD इस सीट पर संगठन के पुराने और भरोसेमंद चेहरे पर दांव लगाएगी या सामाजिक प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देगी। इसका जवाब लालू यादव की वापसी के बाद ही सामने आएगा।