'1 करोड़ दो प्रधान जी को ले जाओ'...इस भैंस की कीमत 1 करोड़ है भाईसाब
Bihar Desk: एशिया के सबसे बड़े पशु मेला, सोनपुर मेला में एक भैंसा आकर्षण का केन्द्र बना है. हो भी क्यों ना, उसकी कीमत एक करोड़ रुपये जो रखी गई है. सोनपुर मेले में आए इस भैंसे का नाम भी दिलचस्प है, 'प्रधान जी'. अपने नाम व कीमत को लेकर यह भैंसा सोनपुर मेले में आए लोगों को सहसा ही अपनी ओर आकर्षित करता है. चर्चा के केन्द्र बिंदु में यह भैंसा पहुंच गया है.
1 करोड़ भैंसे की कीमत : दरअसल, रोहतास जिले के सूर्यपूरा अंतर्गत गोसल डीह रत्नपट्टी गांव के पूर्व मुखिया, ब्रह्मदेव सिंह कुशवाहा ने भैंसे की कीमत सोनपुर मेले में एक करोड़ रुपये लगाई है. उनके पुत्र राजेश कुशवाहा की मानें तो प्रधान बाबू की 50 लाख से अधिक की बोली लगायी जा चुकी है. इसकी कीमत एक करोड़ के आस पास ही रखे हैं.

''इस भैंस का जोड़ा बिहार भर में कहीं नहीं है. अब तक 60 लाख रुपए की बोली लग चुकी है. इसके डाइट में केला, काजू, किसमिस, चौरा, चोकर, भूसा दिया जाता है. 4 लीटर दूध सुबह तथा 4 लीटर दूध शाम को दिया जाता है. इसको पालने में हर साल तकरीबन 65000 रुपये खर्च होते हैं.''- राजेश कुशवाहा, भैंसा मालिक का बेटा
जाफराबादी नस्ल का भैंसा 'प्रधान बाबू' : ब्रह्मदेव सिंह कुशवाहा का कहना है कि यह जाफराबादी नस्ल का भैंसा है. लोग 'प्रधान बाबू' को देखने के लिए तो आते ही हैं, बिडिंग कराने के लिए भी पहुंचते है. प्रति बिडिंग की कीमत 2000 रुपए लिया जाता है. इस भैंसा से जो भैंस पैदा होगी वह 12 लीटर दूध सुबह और 12 लीटर दूध शाम में देगी.

''इस भैंसा को दूध पिलाने के लिए एक स्पेशल अच्छी नस्ल की गाय रखी गई है. उसी का दूध सुबह और शाम दिया जाता है. 'प्रधान जी' की मां को गुजरात से खरीद कर लाये थे. जिसकी कीमत 350000 लगी थी.''- ब्रह्मदेव सिंह कुशवाहा, भैंसा का मालिक
रौबदार दिखता है भैंसा : 'प्रधान बाबू' की ऊंचाई जहां 5 फीट से ज्यादा है. वहीं लंबाई 8 फीट से ज्यादा है. यह देखने में मस्त रौबदार दिखता है. इसकी उम्र 38 महीने है. यही कारण है कि अपने नस्लीय खूबियों के कारण सोनपुर मेले में चर्चा में बना हुआ है.
गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में पाया जाता : दरअसल, जाफराबादी भैंसा गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र की एक मजबूत और भारी नस्ल है, जो अपनी उत्पादन क्षमता के लिए जाना जाता है. पशु विशेषज्ञों का कहना है कि अपनी शारीरिक मजबूती के कारण यह शेर जैसे जंगली जानवरों का भी मुकाबला कर सकता है. यह मूल रूप से गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में पाया जाता है. जिसमें अमरेली, भावनगर, जामनगर, जूनागढ़, पोरबंदर और राजकोट जिले शामिल हैं.

दूसरे भैंसों से सिंग अलग होता : यह भैंस काफी भारी भरकम होती है. इसका सिर बड़ा और गुंबद जैसा होता है. इसके सिंग बहुत बड़े, मोटे और नीचे की तरफ मुड़े हुए होते हैं, जो कान तक आते हैं. आमतौर पर इनका रंग काला होता है लेकिन कुछ भूरे या सफेद भी होते हैं.
25 से 30 लीटर तक दूध दे सकती : जाफराबादी नस्ल की भैंस दूध देने वाली बहुत अच्छी भैंस मानी जाती है. इसके दूध में वसा की मात्रा 7.7% से 8% तक होती है, जो काफी उच्च वसा वाली दूध मानी जाती है. जानकार बताते हैं कि इस नस्ल की भैंस प्रतिदिन 25 से 30 लीटर तक दूध दे सकती है.







