शिक्षिका से डीपीओ बनी रूबी के पास 10 प्लॉट व 6 मंजिला मकान, 1.07Cr की जमीन को पति का गिफ्ट बताया
छापेमारी में इनके ठिकाने से 2.80 लाख रुपए नकद, 6 लाख के गहने, एक बेनामी स्कॉर्पियो, कटिहार में 10 प्लॉट व आलीशान अपार्टमेंट के डीड बरामद किए। रूबी कटिहार के मिरचाईबाड़ी की रहने वाली है। रूबी को वेतन से 72 लाख व गौरव को 68 लाख मिले। जमीन बिक्री से 50 लाख, लोन से 79.47 लाख व अन्य से 10 लाख आय दिखाई। कुल व्यय 83.39 लाख था। ईओयू के एडीजी अमित कुमार जैन के अनुसार दोनों को नोटिस देकर पूछताछ होगी।
रूबी ने शपथपत्र में 2.10 करोड़ के भवन की बात छिपाई। स्कॉर्पियो की जगह 30 हजार की स्कूटी दिखाई। पति का कॉलम खाली रखकर 1.07 करोड़ की जमीन को रेलकर्मी पति से मिला गिफ्ट बताया। हलफनामे में 12 कैरेट हीरा, 300 ग्राम सोना व 1.75 किलो चांदी दर्ज है। लोको पायलट द्वारा 1.07 करोड़ का गिफ्ट देना काली कमाई की लेयरिंग है।
कटिहार के रामपुर हसनगंज में खेसरा-374 पर 5 रजिस्ट्री कराई गईं। पति के नाम 2022 को एक दिन में दो डीड से 10 लाख में 20 डिसमिल व 45.50 लाख में 90 डिसमिल जमीन ली गई। रूबी के नाम 7 दिसंबर 2024 को 7.51 लाख में 8.9 डिसमिल, 5 जून 2025 को 61 लाख में 80 डिसमिल व 6 जून 2025 को 46.51 लाख में 61 डिसमिल जमीन खरीदी गई। 29 मई 2024 को दो व्यावसायिक भूखंड लिए गए। मिरचाईबाड़ी में 3600 वर्गफुट में 2.10 करोड़ के 5 मंजिला भवन को छिपाने को रूबी ने 55 लाख का गृह लोन व पति ने 24.47 लाख का पर्सनल लोन दिखाया।नियोजित शिक्षिका से 2018 में बीपीएससी से डीपीओ बनीं रूबी कुमारी और उनके रेलकर्मी पति गौरव कुमार पर ईओयू ने 2.45 करोड़ रुपए अधिक डीए का केस दर्ज कर 4 ठिकानों पर छापेमारी की। 7 साल में दंपती ने 10 करोड़ की संपत्ति बनाई। 2004 से रेलवे में सहायक लोको पायलट (ग्रुप सी) पति संग मिलकर काली कमाई जमीन में लगाई। कटिहार निवासी रूबी को 2019 में पूर्णिया में पहली पोस्टिंग मिली थी।
छापेमारी में इनके ठिकाने से 2.80 लाख रुपए नकद, 6 लाख के गहने, एक बेनामी स्कॉर्पियो, कटिहार में 10 प्लॉट व आलीशान अपार्टमेंट के डीड बरामद किए। रूबी कटिहार के मिरचाईबाड़ी की रहने वाली है। रूबी को वेतन से 72 लाख व गौरव को 68 लाख मिले। जमीन बिक्री से 50 लाख, लोन से 79.47 लाख व अन्य से 10 लाख आय दिखाई। कुल व्यय 83.39 लाख था। ईओयू के एडीजी अमित कुमार जैन के अनुसार दोनों को नोटिस देकर पूछताछ होगी।
रूबी ने शपथपत्र में 2.10 करोड़ के भवन की बात छिपाई। स्कॉर्पियो की जगह 30 हजार की स्कूटी दिखाई। पति का कॉलम खाली रखकर 1.07 करोड़ की जमीन को रेलकर्मी पति से मिला गिफ्ट बताया। हलफनामे में 12 कैरेट हीरा, 300 ग्राम सोना व 1.75 किलो चांदी दर्ज है। लोको पायलट द्वारा 1.07 करोड़ का गिफ्ट देना काली कमाई की लेयरिंग है।
कटिहार के रामपुर हसनगंज में खेसरा-374 पर 5 रजिस्ट्री कराई गईं। पति के नाम 2022 को एक दिन में दो डीड से 10 लाख में 20 डिसमिल व 45.50 लाख में 90 डिसमिल जमीन ली गई। रूबी के नाम 7 दिसंबर 2024 को 7.51 लाख में 8.9 डिसमिल, 5 जून 2025 को 61 लाख में 80 डिसमिल व 6 जून 2025 को 46.51 लाख में 61 डिसमिल जमीन खरीदी गई। 29 मई 2024 को दो व्यावसायिक भूखंड लिए गए। मिरचाईबाड़ी में 3600 वर्गफुट में 2.10 करोड़ के 5 मंजिला भवन को छिपाने को रूबी ने 55 लाख का गृह लोन व पति ने 24.47 लाख का पर्सनल लोन दिखाया।नियोजित शिक्षिका से 2018 में बीपीएससी से डीपीओ बनीं रूबी कुमारी और उनके रेलकर्मी पति गौरव कुमार पर ईओयू ने 2.45 करोड़ रुपए अधिक डीए का केस दर्ज कर 4 ठिकानों पर छापेमारी की। 7 साल में दंपती ने 10 करोड़ की संपत्ति बनाई। 2004 से रेलवे में सहायक लोको पायलट (ग्रुप सी) पति संग मिलकर काली कमाई जमीन में लगाई। कटिहार निवासी रूबी को 2019 में पूर्णिया में पहली पोस्टिंग मिली थी।
छापेमारी में इनके ठिकाने से 2.80 लाख रुपए नकद, 6 लाख के गहने, एक बेनामी स्कॉर्पियो, कटिहार में 10 प्लॉट व आलीशान अपार्टमेंट के डीड बरामद किए। रूबी कटिहार के मिरचाईबाड़ी की रहने वाली है। रूबी को वेतन से 72 लाख व गौरव को 68 लाख मिले। जमीन बिक्री से 50 लाख, लोन से 79.47 लाख व अन्य से 10 लाख आय दिखाई। कुल व्यय 83.39 लाख था। ईओयू के एडीजी अमित कुमार जैन के अनुसार दोनों को नोटिस देकर पूछताछ होगी।
रूबी ने शपथपत्र में 2.10 करोड़ के भवन की बात छिपाई। स्कॉर्पियो की जगह 30 हजार की स्कूटी दिखाई। पति का कॉलम खाली रखकर 1.07 करोड़ की जमीन को रेलकर्मी पति से मिला गिफ्ट बताया। हलफनामे में 12 कैरेट हीरा, 300 ग्राम सोना व 1.75 किलो चांदी दर्ज है। लोको पायलट द्वारा 1.07 करोड़ का गिफ्ट देना काली कमाई की लेयरिंग है।
कटिहार के रामपुर हसनगंज में खेसरा-374 पर 5 रजिस्ट्री कराई गईं। पति के नाम 2022 को एक दिन में दो डीड से 10 लाख में 20 डिसमिल व 45.50 लाख में 90 डिसमिल जमीन ली गई। रूबी के नाम 7 दिसंबर 2024 को 7.51 लाख में 8.9 डिसमिल, 5 जून 2025 को 61 लाख में 80 डिसमिल व 6 जून 2025 को 46.51 लाख में 61 डिसमिल जमीन खरीदी गई। 29 मई 2024 को दो व्यावसायिक भूखंड लिए गए। मिरचाईबाड़ी में 3600 वर्गफुट में 2.10 करोड़ के 5 मंजिला भवन को छिपाने को रूबी ने 55 लाख का गृह लोन व पति ने 24.47 लाख का पर्सनल लोन दिखाया।नियोजित शिक्षिका से 2018 में बीपीएससी से डीपीओ बनीं रूबी कुमारी और उनके रेलकर्मी पति गौरव कुमार पर ईओयू ने 2.45 करोड़ रुपए अधिक डीए का केस दर्ज कर 4 ठिकानों पर छापेमारी की। 7 साल में दंपती ने 10 करोड़ की संपत्ति बनाई। 2004 से रेलवे में सहायक लोको पायलट (ग्रुप सी) पति संग मिलकर काली कमाई जमीन में लगाई। कटिहार निवासी रूबी को 2019 में पूर्णिया में पहली पोस्टिंग मिली थी।
छापेमारी में इनके ठिकाने से 2.80 लाख रुपए नकद, 6 लाख के गहने, एक बेनामी स्कॉर्पियो, कटिहार में 10 प्लॉट व आलीशान अपार्टमेंट के डीड बरामद किए। रूबी कटिहार के मिरचाईबाड़ी की रहने वाली है। रूबी को वेतन से 72 लाख व गौरव को 68 लाख मिले। जमीन बिक्री से 50 लाख, लोन से 79.47 लाख व अन्य से 10 लाख आय दिखाई। कुल व्यय 83.39 लाख था। ईओयू के एडीजी अमित कुमार जैन के अनुसार दोनों को नोटिस देकर पूछताछ होगी।
रूबी ने शपथपत्र में 2.10 करोड़ के भवन की बात छिपाई। स्कॉर्पियो की जगह 30 हजार की स्कूटी दिखाई। पति का कॉलम खाली रखकर 1.07 करोड़ की जमीन को रेलकर्मी पति से मिला गिफ्ट बताया। हलफनामे में 12 कैरेट हीरा, 300 ग्राम सोना व 1.75 किलो चांदी दर्ज है। लोको पायलट द्वारा 1.07 करोड़ का गिफ्ट देना काली कमाई की लेयरिंग है।
कटिहार के रामपुर हसनगंज में खेसरा-374 पर 5 रजिस्ट्री कराई गईं। पति के नाम 2022 को एक दिन में दो डीड से 10 लाख में 20 डिसमिल व 45.50 लाख में 90 डिसमिल जमीन ली गई। रूबी के नाम 7 दिसंबर 2024 को 7.51 लाख में 8.9 डिसमिल, 5 जून 2025 को 61 लाख में 80 डिसमिल व 6 जून 2025 को 46.51 लाख में 61 डिसमिल जमीन खरीदी गई। 29 मई 2024 को दो व्यावसायिक भूखंड लिए गए। मिरचाईबाड़ी में 3600 वर्गफुट में 2.10 करोड़ के 5 मंजिला भवन को छिपाने को रूबी ने 55 लाख का गृह लोन व पति ने 24.47 लाख का पर्सनल लोन दिखाया।
नियोजित शिक्षिका से 2018 में बीपीएससी से डीपीओ बनीं रूबी कुमारी और उनके रेलकर्मी पति गौरव कुमार पर ईओयू ने 2.45 करोड़ रुपए अधिक डीए का केस दर्ज कर 4 ठिकानों पर छापेमारी की। 7 साल में दंपती ने 10 करोड़ की संपत्ति बनाई। 2004 से रेलवे में सहायक लोको पायलट (ग्रुप सी) पति संग मिलकर काली कमाई जमीन में लगाई। कटिहार निवासी रूबी को 2019 में पूर्णिया में पहली पोस्टिंग मिली थी।
छापेमारी में इनके ठिकाने से 2.80 लाख रुपए नकद, 6 लाख के गहने, एक बेनामी स्कॉर्पियो, कटिहार में 10 प्लॉट व आलीशान अपार्टमेंट के डीड बरामद किए। रूबी कटिहार के मिरचाईबाड़ी की रहने वाली है। रूबी को वेतन से 72 लाख व गौरव को 68 लाख मिले। जमीन बिक्री से 50 लाख, लोन से 79.47 लाख व अन्य से 10 लाख आय दिखाई। कुल व्यय 83.39 लाख था। ईओयू के एडीजी अमित कुमार जैन के अनुसार दोनों को नोटिस देकर पछताछ होगी।
रूबी ने शपथपत्र में 2.10 करोड़ के भवन की बात छिपाई। स्कॉर्पियो की जगह 30 हजार की स्कूटी दिखाई। पति का कॉलम खाली रखकर 1.07 करोड़ की जमीन को रेलकर्मी पति से मिला गिफ्ट बताया। हलफनामे में 12 कैरेट हीरा, 300 ग्राम सोना व 1.75 किलो चांदी दर्ज है। लोको पायलट द्वारा 1.07 करोड़ का गिफ्ट देना काली कमाई की लेयरिंग है।
कटिहार के रामपुर हसनगंज में खेसरा-374 पर 5 रजिस्ट्री कराई गईं। पति के नाम 2022 को एक दिन में दो डीड से 10 लाख में 20 डिसमिल व 45.50 लाख में 90 डिसमिल जमीन ली गई। रूबी के नाम 7 दिसंबर 2024 को 7.51 लाख में 8.9 डिसमिल, 5 जून 2025 को 61 लाख में 80 डिसमिल व 6 जून 2025 को 46.51 लाख में 61 डिसमिल जमीन खरीदी गई। 29 मई 2024 को दो व्यावसायिक भूखंड लिए गए। मिरचाईबाड़ी में 3600 वर्गफुट में 2.10 करोड़ के 5 मंजिला भवन को छिपाने को रूबी ने 55 लाख का गृह लोन व पति ने 24.47 लाख का पर्सनल लोन दिखाया।







