तेज प्रताप यादव की पार्टी को झटका, बांकीपुर से वीणा मानवी का नामांकन रद्द
Bihar news: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में तेजप्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) को झटका लगा है. पार्टी की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द कर दिया गया है. वीणा मानवी समेत कुल 10 उम्मीदवारों के पर्चे खारिज हुए हैं.
सोमवार को नामांकन दाखिल करने के बाद पटना पुलिस ने वीणा मानवी को एक पुराने धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया था. हालांकि, बाद में कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. वीणा मानवी के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी प्रिय किन्नर समेत कुल 10 उम्मीदवारों का नामांकन रद्द किया गया है. वीणा मानवी के नामांकन रद्द होने की जानकारी मिलते ही तेज प्रताप यादव पटना कलेक्ट्रेट पहुंचे. वह पूरे मामले की जानकारी लेने पहुंचे थे.
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सोमवार तक सभी प्रमुख उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया था. इस सीट से जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर, बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा और तेज प्रताप यादव की पार्टी की ओर से वीणा मानवी ने पर्चा भरा था. वहीं, इससे पहले राजद उम्मीदवार रेखा कुमारी गुप्ता भी नामांकन दाखिल कर चुकी हैं. अब उम्मीदवार चुनाव प्रचार में जुट गए हैं.
जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी पटना सिटी की रहने वाली हैं. वह कॉर्पोरेट सेक्टर से राजनीति में आई हैं. 48 वर्षीय वीणा मानवी फिलहाल मकान डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सीईओ के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने साल 1999 में मगध विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है. हलफनामे के अनुसार, वीणा मानवी और उनके परिवार की कुल संपत्ति करीब 1.68 करोड़ रुपये है. उनके पास करीब 37.69 लाख रुपये की चल संपत्ति है. इसमें 115 ग्राम सोना, 500 ग्राम चांदी और एलआईसी व केनरा एचएसबीसी में किया गया निवेश शामिल है.
वहीं, अचल संपत्ति के तौर पर उनके पास उत्तरप्रदेश के ग्रेटर नोएडा और झारखंड के रांची में फ्लैट और मकान हैं. इनकी कुल कीमत करीब 1.30 करोड़ रुपये बताई गई है. हलफनामे में सबसे खास बात यह सामने आई है कि वीणा मानवी के पति पार्थ सारथी के नाम पर कोई चल या अचल संपत्ति दर्ज नहीं है. वहीं, वीणा मानवी पर आईसीआईसीआई बैंक का होम लोन और इंश्योरेंस लोन मिलाकर करीब 36.32 लाख रुपये का कर्ज भी है.
हलफनामे के मुताबिक, वीणा मानवी के खिलाफ तीन आपराधिक मामले लंबित हैं. इनमें पटना के गर्दनीबाग, फतुहा और कंकड़बाग थानों में मामले दर्ज हैं. उन पर धोखाधड़ी (IPC 420), आईटी एक्ट और एससी/एसटी एक्ट जैसी धाराओं के तहत केस दर्ज हैं.







