Newshaat_Logo

EPIC विवाद में घिरे तेजस्वी यादव, चुनाव आयोग और थाने में शिकायत से बढ़ी मुश्किलें

 
तेजस्वी यादआयोग विवास

Patna: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक नए विवाद में घिरते नजर आ रहे हैं। मतदाता सूची को लेकर किए गए उनके दावे अब खुद उन्हीं पर सवाल बनकर खड़े हो गए हैं। जहां चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, वहीं दूसरी ओर दीघा थाना में उनके खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

क्या है पूरा मामला?

आपको याद दिला दें कि बीते 2 अगस्त को तेजस्वी यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया कि उन और उनकी पत्नी के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इस दौरान उन्होंने एक ईपीआईसी नंबर (RAB2916120) भी सार्वजनिक किया, जो अब इस पूरे विवाद की जड़ बन गया है।

चुनाव आयोग का कहना है कि यह ईपीआईसी नंबर रिकॉर्ड में प्रमाणित नहीं है, जबकि आयोग के पास तेजस्वी यादव का नाम दीघा विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 204, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पुस्तकालय भवन में क्रम संख्या 416 पर दर्ज है। उनका असली ईपीआईसी नंबर RAB0456228 बताया गया है, जो पूरी तरह वैध और सक्रिय है।

चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस

दीघा विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह एसडीओ गौरव कुमार ने तेजस्वी को नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि तेजस्वी जिस दूसरे ईपीआईसी नंबर का हवाला दे रहे हैं, वो आयोग के किसी रिकॉर्ड में नहीं है। अब तेजस्वी से पूछा गया है कि उन्हें यह नंबर कहां से मिला? क्या इसका कोई प्रमाण या दस्तावेज है? इन बिंदुओं पर जल्द जवाब देने को कहा गया है ताकि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा सके।

थाना में भी दर्ज हुई शिकायत

इसी विवाद को लेकर पटना के वकील राजीव रंजन ने तेजस्वी यादव के खिलाफ दीघा थाना में लिखित शिकायत दी है। उनका आरोप है कि तेजस्वी के पास दो वोटर आईडी हैं, जो जन प्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन है। थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और कहा है कि मामले की जांच की जा रही है।

एनडीए नेताओं का हमला

इस मुद्दे पर भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), हम पार्टी और आरएलएम जैसे एनडीए घटक दलों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इन दलों के प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि तेजस्वी यादव जानबूझकर भ्रम फैला रहे हैं और मतदाता प्रणाली को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। इन दलों ने तेजस्वी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है।

प्रशासन की स्थिति स्पष्ट

पटना के जिलाधिकारी एस.एन. त्यागराजन ने भी मामले में सफाई दी है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव का नाम पहले बूथ संख्या 171, क्रम संख्या 481 पर था, जिसे अब अपडेट कर बूथ संख्या 204, क्रम संख्या 416 पर कर दिया गया है।
DM के मुताबिक, तेजस्वी का नाम पूरी तरह से सूची में दर्ज है और उसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं है।

सियासत गर्म, कानूनी रास्ता तय करेगा आगे का सफर

तेजस्वी यादव को अब चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब देना होगा और दीघा थाने में हुई शिकायत का सामना भी करना पड़ेगा। क्या यह विवाद उनका राजनीतिक नुकसान करेगा या वे इसे नया मोड़ दे पाएंगे, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।