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बिहार की बाढ़ पर तेजस्वी यादव का PM मोदी को पत्र, 5 हजार करोड़ के राहत पैकेज और ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने की मांग

 
बिहार की बाढ़ पर तेजस्वी यादव का PM मोदी को पत्र, 5 हजार करोड़ के राहत पैकेज और ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने की मांग

Bihar news: बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच सियासी हलचल भी तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मौजूदा हालात को गंभीर मानवीय संकट बताते हुए केंद्र की ओर से विशेष सहायता उपलब्ध कराने की अपील की।

तेजस्वी यादव के मुताबिक, बिहार के करीब 20 जिले इस समय बाढ़ से प्रभावित हैं और बड़ी संख्या में लोग जलजमाव के बीच फंसे हुए हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि बाढ़ के कारण सड़कों, पुलों समेत सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है।

राहत व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार की राहत और बचाव व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा प्रयास प्रभावित आबादी की जरूरतों के मुकाबले पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में लोगों को भोजन, पीने का साफ पानी, दवाइयां, बिजली और पशुओं के लिए चारे जैसी जरूरी सुविधाओं की परेशानी झेलनी पड़ रही है।

उन्होंने बिहार से जुड़े एनडीए के केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों पर भी निशाना साधा। तेजस्वी ने कहा कि वे केंद्र से बिहार के लिए पर्याप्त सहायता हासिल करने और बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित कराने में प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रहे हैं।

आकस्मिक निधि के इस्तेमाल पर CAG जांच की मांग

तेजस्वी यादव ने बाढ़ की स्थिति को केवल प्राकृतिक आपदा का नतीजा नहीं बताते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित होनी चाहिए।

पत्र में उन्होंने राज्य की Contingency Fund और अन्य वित्तीय संसाधनों के इस्तेमाल की स्वतंत्र CAG समीक्षा कराने की मांग की। उनका आरोप है कि आकस्मिक निधि का इस्तेमाल नियमित सरकारी खर्चों में किए जाने से आपदा के समय राहत कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं रह जाते।

5 हजार करोड़ के पैकेज की मांग

प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार से बिहार की बाढ़ को तत्काल ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने और 5,000 करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज की घोषणा करने की मांग की।

उन्होंने जलमग्न और सड़क संपर्क से कट चुके इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए सेना तथा भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद लेने का भी सुझाव दिया। इसके अलावा बाढ़ से प्रभावित किसानों, मजदूरों और पशुपालकों के लिए विशेष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

स्थायी समाधान के लिए ‘Flood Resilience Mission’ का सुझाव

तेजस्वी यादव ने बिहार की बाढ़ की समस्या के दीर्घकालिक समाधान के लिए ‘Flood Resilience Mission’ शुरू करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि राज्य के बड़े हिस्से में हर साल बाढ़ की स्थिति पैदा होती है, ऐसे में केवल तत्काल राहत से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।

प्रस्तावित मिशन के तहत तटबंधों के बेहतर प्रबंधन, आधुनिक बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली और जल प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश के साथ जल प्रबंधन से जुड़े बेहतर समन्वय और समझौतों की जरूरत भी बताई।

PM मोदी से बिहार आने की अपील

अपने पत्र के अंत में तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार का दौरा करने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की जमीनी स्थिति का जायजा लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट को राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी के तौर पर देखा जाना चाहिए।