सिंगापुर की तर्ज पर पटना में विकसित होगा देश का पहला Indoor Botanical Garden, जहां हर मौसम में हरियाली का मजा
Patna: राजधानी पटना में जल्द ही एक अनूठा पर्यावरणीय आकर्षण विकसित होने जा रहा है. सिंगापुर की तर्ज पर देश का पहला इनडोर बॉटेनिकल गार्डन (Indoor Botanical Garden) बनाया जाएगा, जिसमें साल भर हरियाली, ताज़ा हवा और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव आम लोगों को मिलेगा.

इस इनडोर वनस्पति उद्यान में लोग सालभर नियंत्रित वातावरण में दुर्लभ पौधों और हरियाली का आनंद ले सकेंगे. बिहार के लोगों के लिए यह बिल्कुल नया और अनोखा अनुभव होगा. इसके कॉन्सेप्ट के बारे में पटना साइंस कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अखिलेश कुमार बताते हैं कि पर्यटन और स्थानीय लोगों को पेड़-पौधों के प्रति जागरूक करने के लिहाज से यह बेहतरीन पहल है.
खासियतें
- वर्षभर हरियाली और ताज़ा वातावरण
- सिंगापुर की बॉटेनिकल गार्डन जैसी डिज़ाइन शैली
- फूलों, हरित ग्लासहाउस और सजावटी पौधों का बड़ा संग्रह
- वॉक ट्रेल, शैक्षिक स्टेशनों और फ़ोटो प्वाइंट
- परिवार और पर्यटकों के लिए आकर्षण स्थल
क्या होता है इनडोर वनस्पति उद्यान
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यावरण को फायदा देगा, बल्कि शहर के ग्रेस कम्युनिटी स्पेस और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा. इससे बच्चों को प्रकृति से सीखने का अवसर मिलेगा और शहरवासियों को स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी. विशेषज्ञ बताते हैं कि इनडोर वनस्पति उद्यान एक ऐसा उद्यान होता है, जिसे किसी बंद या ढके हुए परिसर के अंदर विकसित किया जाता है.
इसमें पेड़-पौधों के लिए कृत्रिम रूप से ऐसा वातावरण तैयार किया जाता है, जैसा उन्हें प्राकृतिक रूप से चाहिए. इसके लिए तापमान, नमी, रोशनी और सिंचाई जैसी व्यवस्थाओं को आधुनिक तकनीक से कंट्रोल किया जाता है, ताकि अलग-अलग जलवायु वाले पौधे भी एक ही स्थान पर सुरक्षित तरीके से उगाए जा सकें.
ऐसे उद्यानों में देश-विदेश की दुर्लभ वनस्पतियां, औषधीय पौधे सहित कई तरह की प्रजातियां लगाई जाती हैं. मौसम चाहे गर्मी का हो, सर्दी का या बरसात का, अंदर का वातावरण पौधों के अनुकूल बनाए रखा जाता है.
क्या-क्या होगा खास
इस इनडोर वनस्पति उद्यान का निर्माण राजधानी पटना के जेपी गंगा पथ के बगल में मौजूद 5 एकड़ भूमि में किया जाएगा. यह उद्यान चारों ओर और ऊपर से पूरी तरह घिरा रहेगा. इसकी छत टेंपर्ड ग्लास या पारदर्शी प्लास्टिक की होगी. इस उद्यान में लोगों के बैठने-टहलने की भी व्यवस्था रहेगी. साथ ही बड़ी संख्या में यहां पेड़-पौधे भी लगाए जाएंगे.
इसमें घूमने के लिए लोगों को टिकट कटवाना होगा. बिहार राज्य पथ विकास निगम ने इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली है. आपको बता दें कि इस तरह का वनस्पति उद्यान सिंगापुर में है. उसी की तर्ज पर यहां बनेगा. माना जा रहा है कि यह देश में पहला इस तरह का उद्यान होगा.
उन्होंने आगे बताया कि यह पहल पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा करेगी. इसके साथ ही लोगों, खासकर बच्चों और युवाओं में पौधों तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी. इस उद्यान में आने वाले छात्र-छात्राओं को अलग-अलग प्रकार के इनडोर पौधों और उनकी विशेषताओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा. यहां ऐसे पौधों को भी प्रदर्शित किया जाएगा, जिन्हें घर या कमरे के अंदर आसानी से उगाया जा सकता है. इससे लोगों में अपने घरों और आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने की प्रेरणा मिलेगी और हरियाली के प्रति रुचि भी बढ़ेगी.







