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लोहार जाति को ST में शामिल करने की मांग तेज, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने केंद्र और राज्य सरकार से पहल का दिया भरोसा

 
लोहार जाति को ST में शामिल करने की मांग तेज, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने केंद्र और राज्य सरकार से पहल का दिया भरोसा
Bihar News: बिहार में लोहार जाति को पुनः अनुसूचित जनजाति (ST) की श्रेणी में शामिल करने की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। मंगलवार को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने अपने कार्यालय कक्ष में बिहार राज्य लोहार समन्वय समिति के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने लोहार जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने के समर्थन में विभिन्न दस्तावेज और तथ्य प्रस्तुत किए। प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष से इस दिशा में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बदली थी श्रेणी

चर्चा के दौरान विधानसभा के बजट सत्र में इस विषय पर पूछे गए प्रश्न और सरकार के जवाब पर भी विचार-विमर्श हुआ। उल्लेखनीय है कि 21 फरवरी 2022 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बिहार सरकार ने लोहार जाति को अनुसूचित जनजाति की सूची से हटाकर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में शामिल कर दिया था।

लोहार समन्वय समिति का दावा है कि समुदाय को पुनः अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं और इस संबंध में उन्होंने संबंधित दस्तावेज भी अध्यक्ष को उपलब्ध कराए हैं।

प्रेम कुमार ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें अंतिम निर्णय और आवश्यक बदलाव संसद के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर वे इस विषय को भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्री के समक्ष उठाएंगे।

इसके साथ ही समिति की उस मांग पर भी विचार करने का आश्वासन दिया गया, जिसमें लोहार जाति को कमार जाति से अलग एक स्वतंत्र जाति के रूप में अधिसूचित करने की बात कही गई है। इस संबंध में राज्य सरकार को भी पत्र लिखे जाने की बात अध्यक्ष ने कही।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे कई सदस्य

बैठक में बिहार राज्य लोहार समन्वय समिति के संरक्षक राधाकांत ठाकुर समेत भीम विश्वकर्मा, मनोज कुमार शर्मा, शिवशंकर ठाकुर और अन्य सदस्य मौजूद रहे। वहीं विधानसभा सचिवालय की प्रभारी सचिव और कई वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।