गंडक के रौद्र रूप से गोपालगंज में बढ़ी चुनौती, शिक्षा मंत्री बोले- तटबंध बचाने में जुटा रहा प्रशासन
Bihar News: गांधी जयंती के मौके पर बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी गोपालगंज पहुंचे और जिले में बाढ़ की स्थिति को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस बार गंडक नदी में पानी का दबाव बेहद ज्यादा रहा। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद नदी का जलस्तर पिछले वर्षों के कई रिकॉर्ड से ऊपर पहुंच गया, जिससे गोपालगंज के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया।
गंडक के बढ़े जलस्तर से निचले इलाकों पर दबाव
मिथिलेश तिवारी ने बताया कि गंडक के तेज बहाव के कारण बैकुंठपुर क्षेत्र की कई पंचायतों पर सीधा असर पड़ा। लगातार बढ़ते पानी के बीच सबसे बड़ी चुनौती सारण तटबंध को सुरक्षित रखना था।
हाल के दिनों में गंडक के उफान के कारण गोपालगंज और आसपास के इलाकों में तटबंधों पर दबाव की स्थिति बनी है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें लगातार निगरानी और बचाव कार्य में जुटी रही हैं।
गोपालगंज में 73 किलोमीटर लंबा हिस्सा
शिक्षा मंत्री के मुताबिक, सारण तटबंध का करीब 73 किलोमीटर हिस्सा गोपालगंज जिले में आता है। इसमें लगभग 40 किलोमीटर हिस्सा बैकुंठपुर क्षेत्र से होकर गुजरता है।
ऐसे में गंडक के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी का सीधा असर इस इलाके पर पड़ता है। मंत्री ने कहा कि तटबंध की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थानीय लोगों ने भी लगातार मोर्चा संभाले रखा।
अधिकारी और जनप्रतिनिधि लगातार रहे सक्रिय
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर निगरानी करते रहे। डीएम, एसपी, एसडीओ और एसडीपीओ समेत संबंधित अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और तटबंधों की स्थिति पर नजर बनाए रखी।
सदर विधायक सुभाष सिंह और बरौली विधायक मनजीत सिंह समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासनिक टीमों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में सहयोग किया।
प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई शुरू
मंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई शुरू की गई। प्रभावित टोलों और शरण स्थलों पर रोशनी, पीने के पानी और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की समीक्षा को लेकर मंत्री का दौरा भी हुआ था, जहां उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत व्यवस्था की जानकारी ली।
‘गंडक से डरना नहीं, सतर्क रहकर जीना होगा’
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि गंडक नदी सिर्फ बाढ़ का कारण नहीं है, बल्कि इस पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और जीवन से भी जुड़ी हुई है। इसलिए नदी के किनारे रहने वाले लोगों को इसके स्वभाव को समझते हुए सतर्क रहना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक राहत पहुंचाना है। साथ ही उन्होंने लोगों से भी सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की। गोपालगंज में गंडक के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर प्रशासन की निगरानी अभी भी जारी है।







