सरकार करवा रही फ्री AI COURSE, पूरा करने पर CERTIFICATE भी मिलेगा...
Bihar: बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दायरा तेजी से बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. उद्योग वार्ता के दौरान गूगल इंडिया ने राज्य सरकार को प्रस्ताव दिया है कि वह अगले छह महीनों में बिहार के 10 हजार युवाओं को एआई की ट्रेनिंग देगा. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि एआई को हर स्तर पर लागू किया जाए और बिहार में एक मजबूत एआई इकोसिस्टम विकसित किया जाए.
बिहार में एआई का विस्तार
पटना एयरपोर्ट के पास वायुयान संगठन निदेशालय में आयोजित उद्योग वार्ता में उद्योग जगत के 13 प्रमुख प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. बैठक का फोकस बिहार में एआई के विस्तार, डिजिटल गवर्नेंस और औद्योगिक समस्याओं के त्वरित समाधान पर रहा.
मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में पटना एयरपोर्ट के समीप स्थित वायुयान संगठन निदेशालय, बिहार में 'उद्योग वार्ता' का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चली इस बैठक में उद्योग जगत के 13 प्रमुख प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। #UdyogVarta #IndustryMeet pic.twitter.com/M4X2XDkp4o
— Cabinet Secretariat Department, Govt. of Bihar (@BiharCabinet) January 9, 2026
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और बिहार को भी तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई का उपयोग केवल सरकारी दफ्तरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम लोगों की जिंदगी को आसान बनाने का जरिया बनेगा.
कॉलेजों तक पहुंचेगी एआई शिक्षा
गूगल इंडिया के प्रतिनिधि राजेश रंजन ने बताया कि यह एक पायलट प्रोजेक्ट होगा, जिसमें छह महीनों के भीतर करीब 10 हजार युवाओं को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसे कॉलेजों में भी लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ भविष्य की तकनीक में दक्ष बन सकें. इस पहल से बिहार के युवाओं को देश और दुनिया में प्रतिस्पर्धी बनने का अवसर मिलेगा.
डिजिटल सेवाओं में एआई की एंट्री
अजय सिंह और आनंद कुमार ने एआई के जरिए शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण तथा आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रस्ताव रखा. इस पर मुख्य सचिव ने आईटी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह को गंभीरता से विचार करने का निर्देश दिया. वहीं स्काईक्वेस्ट की सीईओ श्रिया दामिनी ने व्हाट्सएप के माध्यम से 24×7 सरकारी सेवाओं और सूचनाओं की उपलब्धता का मॉडल प्रस्तुत किया, जिस पर प्रशासनिक सुधार मिशन को शीघ्र कार्रवाई का आदेश दिया गया.
टेक्नोलॉजी पर बड़ा फोकस
बैठक में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने, स्टार्टअप फंडिंग को आसान बनाने और सासामुसा चीनी मिल के पुनरुद्धार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. मुख्य सचिव ने भरोसा दिलाया कि उद्योगों की समस्याओं का समाधान ऑन द स्पॉट किया जाएगा, ताकि निवेश और नवाचार को बढ़ावा मिल सके. गूगल के प्रस्ताव से लेकर स्मार्ट शेल्टर और 24×7 डिजिटल सेवाओं तक, बिहार अब तकनीक आधारित शासन और रोजगार की नई इबारत लिखने की ओर बढ़ रहा है. यह पहल राज्य को डिजिटल इंडिया के नक्शे पर एक मजबूत पहचान दिला सकती है.







