बिना वोटिंग ही जीत गई सरकार- ध्वनि मत से पास हुआ विश्वास प्रस्ताव, सम्राट की सत्ता पर लगी मुहर
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्ष ने भले ही चर्चा के दौरान तीखे सवाल उठाए और हंगामा किया, लेकिन अंत में मत विभाजन की मांग नहीं की। इससे सत्ता पक्ष को सीधी राजनीतिक बढ़त मिल गई और सरकार की स्थिरता पर औपचारिक मुहर लग गई।
बहस के दौरान सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि लोकतंत्र में गठबंधन और सहयोग से सरकार बनना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी योग्यता और दस्तावेज पूरी तरह पारदर्शी हैं और विपक्ष सिर्फ राजनीतिक आरोप लगा रहा है।
मुख्यमंत्री ने भविष्य की योजनाओं का खाका पेश करते हुए हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोलने और 11 नए टाउनशिप विकसित करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए ऐसा सिस्टम विकसित करने की बात कही, जिससे थाना, ब्लॉक और अंचल स्तर की गतिविधियों पर सीधे निगरानी रखी जा सके।
अपने संबोधन में उन्होंने नीतीश कुमार का आभार जताते हुए कहा कि उनके अनुभव ने राज्य की राजनीतिक स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह विश्वास मत सिर्फ औपचारिक जीत नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के लिए मजबूत राजनीतिक संदेश साबित हुआ है सरकार अब पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।







