मुख्यमंत्री के सहयोग शिविर में उठा पत्रकार सुरक्षा कानून का मुद्दा, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने गठित की समीक्षा कमिटी
Bihar news: बिहार में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग अब सरकारी स्तर पर विचाराधीन हो गई है. मुजफ्फरपुर के मोतीपुर निवासी समाजसेवी एवं पत्रकार नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन के तिरहुत प्रमंडल महासचिव विकाश कुमार गुप्ता द्वारा मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री के समक्ष सहयोग शिविर के माध्यम से उठाए गए इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर बिहार सरकार ने संज्ञान लेते हुए सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के स्तर पर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है.

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विकाश कुमार गुप्ता द्वारा बिहार में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने तथा पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी आवेदन पर विचार के लिए पांच सदस्यीय समिति बनायी गई है. समिति को आवेदन में उल्लिखित बिंदुओं की समीक्षा कर सक्षम प्राधिकार को समेकित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का दायित्व सौंपा गया है.
अपने मांग पत्र में विकाश कुमार गुप्ता ने कहा था कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाने वाले पत्रकार भ्रष्टाचार, अपराध और जनहित के मुद्दों को उजागर करते हैं, जिसके कारण उन्हें कई बार धमकियों, हमलों और झूठे मुकदमों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया था.
मांग पत्र में पत्रकारों पर हमला या धमकी को गैर-जमानती अपराध घोषित करने, विशेष जांच प्रकोष्ठ के गठन, समयबद्ध जांच, ड्यूटी के दौरान घायल या मृत पत्रकारों के लिए मुआवजा, झूठे मुकदमों की निष्पक्ष जांच, जिला स्तर पर पत्रकार सुरक्षा समिति के गठन, बीमा एवं कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार, पत्रकारों के आवासीय क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्ती तथा सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित थानाध्यक्ष को सौंपने सहित कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं.
पत्रकार विकाश कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री के सहयोग शिविर में भी इस विषय को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद सरकार ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए विभागीय स्तर पर समीक्षा प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है. पत्रकार संगठनों ने इसे सकारात्मक पहल बताते हुए उम्मीद जताई है कि बिहार की सम्राट सरकार शीघ्र ही इस दिशा में ठोस निर्णय लेकर पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून लागू करेगी.







