शहर की बदहाल व्यवस्था पर निगम सख्त: गया नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी ने सफाई, पानी और लाइटिंग सुधार को लेकर दिए निर्देश
Gaya: नगर निगम सभागार में मंगलवार को सशक्त स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक का संचालन स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने किया. बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया, समिति सदस्य मनोज कुमार, विनोद कुमार यादव, चुन्नू खां, स्वर्णलता वर्मा, उप नगर आयुक्त शशिकांत कुमार, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता सहित निगम के कई अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे.

बैठक में शहर के समग्र विकास, साफ-सफाई व्यवस्था, नाली एवं नाला सफाई, जलापूर्ति व्यवस्था, सड़क व प्रकाश व्यवस्था, टेंडर प्रक्रिया की प्रगति और निगम की आय बढ़ाने जैसे कई अहम मुद्दों पर गहन चर्चा की गई. विभिन्न एजेंडों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिन पर अंतिम मुहर आगामी गुरुवार को होने वाली बोर्ड बैठक में लगेगी.
सफाई व्यवस्था पर कड़ा एक्शन, अधिकारियों को फटकार
बैठक में शहर के समग्र विकास व सफाई व्यवस्था सबसे प्रमुख मुद्दा रहा। मेयर गणेश पासवान ने शहर के कई वार्डों में बदहाल सफाई व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर यही स्थिति रही तो शहर की रैंकिंग में भारी गिरावट आएगी और इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी. उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में नियमित कूड़ा उठाव नहीं हो रहा है, जिससे गंदगी का अंबार लग गया है. यह स्थिति नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है.
बैठक में जानकारी दी गई कि निगम के पास कुल 325 सफाई वाहन हैं, जिनमें से 26 वाहन खराब पड़े हैं. इस पर मेयर ने निर्देश दिया कि सभी खराब वाहनों को अविलंब दुरुस्त कराया जाए और जरूरत पड़ने पर नए वाहनों की व्यवस्था की जाए, ताकि सफाई व्यवस्था में किसी तरह की बाधा न आए.
टेंडर प्रक्रिया में सुस्ती पर नाराजगी, कार्रवाई की चेतावनी
सदन में समिति सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी पर कड़ा सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि कई विकास कार्य सिर्फ टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण अटके पड़े हैं, जिससे जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस पर नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अभियंताओं और अधिकारियों को चेतावनी दी कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि अगर अगली बैठक तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो दोषी अधिकारियों का वेतन रोका जाएगा और निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी.
प्रकाश व्यवस्था सुधारने के लिए बड़े फैसले
शहर की खराब प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई. सदन में मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में सुदृढ़ ग्रामीण क्षेत्रों व कई मोहल्लों और गलियों में आज भी अंधेरा रहता है, जिससे आम लोगों को काफी दिक्कत होती है और अपराध की आशंका भी बनी रहती है.
इस पर समिति ने बड़ा निर्णय लेते हुए शहर के सभी 53 वार्डों में कुल 11,000 एलईडी लाइट लगाने का फैसला लिया. इसके साथ ही प्रत्येक वार्ड में एक हाई मास्ट और एक मिनी हाई मास्ट लाइट लगाने की योजना बनाई गई.
बैठक में 70 हाई मास्ट और 70 मिनी हाई मास्ट लाइट खरीदने की स्वीकृति दी गई, जिससे प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में रोशनी की बेहतर व्यवस्था हो सकेगी.
जलापूर्ति के चर्चा के दौरान बुडको के अधिकारी नदारद, कार्रवाई की तैयारी
भीषण गर्मी को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को बैठक में अत्यंत महत्वपूर्ण एजेंडा माना गया. लेकिन इस दौरान बुडको के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर मेयर ने कड़ी नाराजगी जताई. मेयर ने कहा कि जब शहर पानी की समस्या से जूझ रहा है, ऐसे समय में संबंधित एजेंसी के अधिकारियों का बैठक में शामिल न होना बेहद गंभीर लापरवाही है. सशक्त स्थायी समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस मामले में नगर विकास विभाग, मगध आयुक्त और जिला पदाधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की जाएगी. साथ ही शहर में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 40 नए पानी टैंकर और 25 ट्रैक्टर इंजन खरीदने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा व्यावसायिक क्षेत्रों में भी टैंकर के माध्यम से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.
नाला-नाली सफाई में देरी पर चिंता
बरसात के पहले नाला-नाली की सफाई नहीं होने पर समिति ने चिंता जताई। मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि अप्रैल समाप्त होने वाला है, लेकिन अब तक बड़े स्तर पर नाला सफाई शुरू नहीं हुई है। इससे मानसून में जलजमाव की समस्या गंभीर हो सकती है.
इस पर कार्यपालक अभियंता ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, हालांकि सीमित संख्या में ही ठेकेदारों ने रुचि दिखाई है. समिति ने निर्देश दिया कि पूर्व की भांति प्रकिया अपनाते हुए हर हाल में जल्द से जल्द सफाई कार्य शुरू किया जाए और समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए.
निगम की आय बढ़ाने के लिए मॉल और मार्केट का निर्माण
नगर निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. इसके तहत शहर के चार प्रमुख स्थानों पर निगम की खाली जमीन पर कॉम्प्लेक्स, मार्केट और मॉल विकसित किए जाएंगे. इन स्थानों में इंदौर स्टेडियम, आशा सिंह मोड़, केदारनाथ मार्केट स्थित जवाहरलाल नेहरू टाउन, गुरुद्वारा रोड (आईएस फैक्ट्री के पास) और गोदावरी इलाके की जमीन शामिल है. अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से नगर निगम की आय में वृद्धि होगी और शहर के लोगों को आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी.
अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
- शहर के विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्णय लिया गया.
- आवश्यक स्थानों पर शौचालय का निर्माण.
- आवश्यक स्थानों पर 100 सोलर लाइट लगाने का निर्णय.







