Movie prime

न्याय के कठघरे में पहुंचा 'NEET छात्रा मर्डर केस मामला, पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर...

Patna NEET Student Death Case: पटना हाईकोर्ट की अधिवक्ता अलका वर्मा के मुताबिक, ''कोर्ट की निगरानी में नीट छात्रा की मौत की जांच कराने की मांग की गई है. अर्जी में सभी हॉस्टलों खासकर महिला छात्रावासों में सीसीटीवी कैमरा लगाने, महिला वार्डन रखने, हॉस्टल रेगुलेटरी अथॉरिटी बनाये जाने की मांग की गई है.''
 
Patna Highcourt

Patna NEET Student Death Case: राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्री की मौत की जांच अब सीबीआई करेगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केस को सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की है. दूसरी तरफ पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई है.

हाईकोर्ट पहुंचा पटना NEET छात्रा केस : नीट छात्रा मौत मामले में पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गयी है. यह जनहित याचिका सुषमा कुमारी की ओर से पटना हाईकोर्ट की अधिवक्ता अलका वर्मा ने दायर की है. याचिका में कहा गया है कि, ये मामला नीट की तैयारी कर रही लड़की के असामयिक और संदिग्ध मौत से है. यह बहुत ही गंभीर मामला है. इसलिए पटना हाईकोर्ट को इस मामलें में हस्तक्षेप करने की जरूरत है.

'केस की जांच की निगरानी अदालत करे' : पटना हाईकोर्ट की अधिवक्ता अलका वर्मा के मुताबिक, ''कोर्ट की निगरानी में नीट छात्रा की मौत की जांच कराने की मांग की गई है. अर्जी में सभी हॉस्टलों खासकर महिला छात्रावासों में सीसीटीवी कैमरा लगाने, महिला वार्डन रखने, हॉस्टल रेगुलेटरी अथॉरिटी बनाये जाने की मांग की गई है.''

'हॉस्टल की स्थिति सुधारने की मांग' : जनहित याचिका में कहा गया कि, हॉस्टल के अधिकारियों के बयान भी विरोधाभासी थे. इन सब जांच का कोई ठोस और सही परिणाम अब तक नहीं आया है. इसलिए केस की जांच का हाईकोर्ट द्वारा निगरानी हो. इसी के साथ, शहर में हॉस्टल की स्थिति सुधारने के लिए कार्रवाई करने का अनुरोध कोर्ट से किया गया है.

क्या है NEET छात्रा मर्डर केस? : दरअसल, जहानाबाद जिले की रहने वाली छात्रा, ।5 जनवरी, 2026 को अपने घर से वापस पटना अपने हॉस्टल लौटी थी. ।6 जनवरी, 2026 की सुबह उसे बेहोश पाया गया. छात्रा को नजदीक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया.

फॉरेंसिक रिपोर्ट में क्या मिला? : इस बीच, 11 जनवरी, 2026 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. शुरुआती जांच में पुलिस ने छात्रा की मौत का कारन नींद की गोली का ओवरडोज बताया था, बाद में पुलिस ने दावा किया कि छात्रा के कपड़ों की फॉरेंसिक रिपोर्ट में सीमेन के निशान हैं, जो उसने अस्पताल जाते वक्त पहने थे. जिसके बाद परिवार का कहना था कि उनकी बेटी के साथ यौन उत्पीड़न हुआ. मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया.

'न्याय की हमारी उम्मीद टूट गई' : वहीं परिवार का आरोप है कि छात्रा के साथ कुछ गलत हुआ. शुक्रवार को परिवार डीजीपी से मिलने पहुंचा था. यहां छात्रा की मां ने कहा कि, अब नहीं लगता कि उन्हें न्याय मिलेगा. पुलिस मामले को आत्महत्या मान रही हैं. अब हम टूट चुके हैं.''

'DNA से मिलेंगे निशान' : हालांकि पीटीआई से बात करते हुए एक अधिकारी ने बताया कि,''फॉरेंसिक रिपोर्ट में मिले सीमेन के निशान से डीएनए प्रोफाइल बनाया जा रहा है. इससे संदिग्ध और गिरफ्तार आरोपियों के डीएनए से मिलान किया जाएगा. इसलिए अब तक कई लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं.''